ऋषि महाजन\नूरपुर। कांगड़ा जिला के नूरपुर में पंचायत और नगर परिषद चुनाव के बीच आयुष विभाग की एक प्रस्तावित बैठक ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।
राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत आने वाली लगभग 25 से 30 लाख रुपये की आयुष्मान आरोग्य कल्याण निधि (AAKN) को लेकर 15 मई को नूरपुर में बैठक आयोजित करने का कार्यालय आदेश जारी किया गया है।
कार्यालय आदेश में स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि पंचायत एवं नगरपालिका चुनाव की तैयारियों के चलते बैठक एसडीएएमओ कार्यालय में आयोजित नहीं की जा सकती, इसलिए बैठक किसी निजी स्थान पर आयोजित की जाएगी, जिसका निर्धारण एचएएमओए नूरपुर एवं एसडीएएमओ नूरपुर करेंगे।
इस आदेश में मंत्री के यूओ नंबर एसपीएस/आयुष/वाईएसएस एवं विधि मंत्रालय/2026-2516 का हवाला भी दिया गया है, जिससे मामला और अधिक संवेदनशील बन गया है। ध्यान देने योग्य है कि नूरपुर में 17 मई को चुनाव प्रस्तावित हैं, जबकि यह बैठक 15 मई को रखी गई है।
ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि यदि बैठक वास्तव में अति आवश्यक एवं विभागीय प्रक्रिया का हिस्सा है, तो इसे चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने के बाद भी आयोजित किया जा सकता था। चुनावी माहौल के बीच निजी स्थान पर सरकारी बैठक आयोजित करने की आवश्यकता और औचित्य पर अब विपक्षी दलों ने भी सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं।
पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता राकेश पठानिया ने इस पूरे मामले को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चुनाव के दौरान सरकारी निधियों के दुरुपयोग का रास्ता तैयार कर रही है। पठानिया ने कहा कि आचार संहिता लागू होने के बावजूद निजी स्थान पर बैठक बुलाना कई गंभीर शंकाओं को जन्म देता है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जनता के पैसों से जुड़ी योजनाओं पर पारदर्शिता जरूरी है तथा चुनावी अवधि में इस प्रकार की गतिविधियां प्रशासनिक निष्पक्षता पर भी प्रश्नचिह्न लगाती हैं। अब देखना होगा कि चुनाव आयोग और संबंधित विभाग इस पूरे मामले पर क्या रुख अपनाते हैं।