ऋषि महाजन/नूरपुर। नशा तस्करों के खिलाफ हिमाचल प्रदेश सरकार की “जीरो टोलरेंस अगेंस्ट ड्रग्स” नीति के तहत पुलिस जिला नूरपुर ने अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया है।
अवैध नशे के कारोबार से अर्जित संपत्तियों पर लगातार प्रहार करते हुए पुलिस और प्रशासन ने इंदौरा क्षेत्र में एक आदतन नशा तस्कर द्वारा सरकारी मंदिर की जमीन पर बनाए गए अवैध मकान को ध्वस्त कर दिया।
पुलिस के अनुसार सुखदेव पुत्र गुरदियाल चंद निवासी वार्ड नंबर-09, तहसील इंदौरा, जिला कांगड़ा द्वारा नशे के अवैध कारोबार से अर्जित धन से सरकारी मंदिर की भूमि पर अवैध रूप से मकान बनाया गया था। स्थानीय प्रशासन ने पहले इस संपत्ति को पुलिस सहयोग से सील कर कब्जे में लिया और बाद में 13 मई 2026 को पूरी अवैध संरचना को विधिवत तरीके से गिरा दिया गया।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक सुखदेव एक आदतन नशा तस्कर है, जिसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में नशा कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
वहीं जिला पुलिस नूरपुर ने एक अन्य बड़े मामले में भी करोड़ों की अवैध संपत्ति पर शिकंजा कसा है। थाना डमटाल में 21 सितंबर 2025 को दर्ज एनडीपीएस एक्ट के केस नंबर 120/25 में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 22.65 ग्राम चिट्टा, सोना, चांदी, डिजिटल वेट मशीन और 4.70 लाख रुपये नकद बरामद किए थे।
इस मामले की वित्तीय जांच के दौरान नामजद आरोपी लवजीत कुमार उर्फ लब्बा निवासी भदरोया की 18.08 लाख रुपये की अवैध संपत्ति चिन्हित कर जब्त की गई। पुलिस द्वारा की गई इस जब्ती को सक्षम प्राधिकारी नई दिल्ली ने भी मंजूरी दे दी है।
नूरपुर पुलिस ने दावा किया है कि अब तक 16 मामलों में वित्तीय जांच के जरिए 26.63 करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं, जो पूरे हिमाचल प्रदेश में सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में भी नशा माफिया, अवैध कारोबारियों और समाज विरोधी तत्वों के खिलाफ इसी तरह की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस ने साफ संकेत दिए हैं कि अब केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि नशे से कमाई गई अवैध संपत्तियों को भी जड़ से खत्म किया जाएगा।