ऋषि महाजन/नूरपुर। राष्ट्रीय राजमार्ग-154 पर फोरलेन परियोजना के तहत जसूर के समीप गरेली खड्ड पर बन रहे पुल का निर्माण कार्य अब स्थानीय लोगों की चिंता का विषय बन गया है।
बरसात के मौसम में पुल के पिलर स्थापित करने के लिए जिस प्रकार खड्ड के बीच निर्माण कार्य किया जा रहा है, उसे लेकर जसूर बाजार, सब्जी मंडी और आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा जताया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ऊपरी क्षेत्रों में लगातार भारी बारिश होती है तो गरेली खड्ड में पानी का तेज बहाव निर्माण सामग्री और अस्थायी अवरोधों के कारण प्रभावित हो सकता है।
इससे पानी का रुख जसूर बाजार और सब्जी मंडी की ओर मुड़ने की आशंका से लोग सहमे हुए हैं। लोगों का कहना है कि वर्ष 1983 की भीषण बाढ़ का मंजर आज भी जसूरवासियों के जेहन में ताजा है, जब खड्ड का पानी बाजार तक पहुंच गया था और भारी नुकसान हुआ था।
ग्रामीणों और व्यापारियों का कहना है कि बरसात के बीच इस तरह का निर्माण कार्य जोखिम भरा साबित हो सकता है। उनका सुझाव है कि मानसून समाप्त होने के बाद ही खड्ड के भीतर पिलरों से संबंधित निर्माण कार्य किया जाए, ताकि किसी भी संभावित आपदा से बचा जा सके।
बढ़ती चिंता को देखते हुए जसूर पंचायत के उपप्रधान अंकित वर्मा तथा क्षेत्र के कई बुद्धिजीवियों ने यह मामला स्थानीय विधायक रणवीर सिंह निक्का के समक्ष उठाया। इसके बाद विधायक ने निर्माण स्थल का दौरा कर मौके का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली।
पत्रकारों से बातचीत में विधायक रणवीर सिंह निक्का ने कहा कि जसूरवासियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना से जुड़े अधिकारियों और उपमंडल अधिकारी (राष्ट्रीय राजमार्ग) से इस विषय पर बातचीत की गई है तथा उन्हें मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन करने और आवश्यक समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
विधायक ने कहा कि लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। यदि निर्माण कार्य से किसी प्रकार का खतरा उत्पन्न होने की संभावना होगी तो उसे तत्काल दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रशासन और संबंधित एजेंसियां पूरी सतर्कता के साथ कार्य करेंगी ताकि बरसात के दौरान जसूर और आसपास के क्षेत्रों में किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।