बड़सर। हमीरपुर जिला के बड़सर में 80वें स्वतंत्रता दिवस राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि मैं हिमाचल प्रदेश के जेन-जी (Gen Z) युवाओं से विशेष अपील करना चाहता हूं कि पारदर्शी और योग्यता आधारित रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाना हमारी सरकार की सर्वाच्च प्राथमिकताओं में से एक है।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने हजारों युवाओं को सरकारी क्षेत्र में रोजगार प्रदान किया है। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में किसी भी भर्ती परीक्षा में पेपर लीक नहीं हुआ है। इसके विपरीत, पिछली भाजपा सरकार के दौरान पुलिस भर्ती पेपर लीक हुआ तथा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित भर्तियों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आईं, यहां तक कि प्रश्न पत्र भी बेचे गए। हमारी सरकार ने युवाओं के विश्वास के साथ धोखा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है और ऐसे कदाचार में शामिल लोगों को जेल भेजा है।
उन्होंने कहा यह भी कहा कि लोगों से बातचीत के दौरान उन्हें कई ऐसे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बारे में जानकारी मिली, जिनके नाम बीपीएल सूची में शामिल नहीं थे। ऐसे परिवारों की उचित पहचान सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने पिछले एक वर्ष के दौरान आठ चरणों में सर्वेक्षण करवाया। प्रदेश में लगभग 19 लाख परिवारों में से 1.80 लाख परिवारों की पहचान ऐसे परिवारों के रूप में की गई, जिन्हें सरकार से अधिक सहायता और ध्यान की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परिवारों का चयन उपायुक्तों के माध्यम से किया गया है और उनके द्वारा अंतिम सूचियां भी अधिसूचित कर दी गई हैं। इन परिवारों के लिए राज्य सरकार 2 अक्टूबर से ‘अपना परिवार सुखी परिवार’ योजना शुरू करेगी। इसके तहत अगले दो वर्षों में इन परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए एक तंत्र स्थापित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि अगले दो माह के भीतर योजना के अंतर्गत आने वाले प्रत्येक परिवार की आवश्यकताओं का आकलन किया जाए। इससे प्रत्येक परिवार को आवश्यक विशेष सहायता की पहचान करने में मदद मिलेगी। केन्द्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं को इन परिवारों पर केन्द्रित किया जाएगा ताकि वे उपलब्ध अवसरों और कल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठा सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने इन 1.80 लाख परिवारों की सेवा और कल्याण के लिए पूरी तरह समर्पित रहने का संकल्प लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इनमें से आधे से अधिक परिवार पहले से ही बीपीएल सूची में शामिल हैं, जबकि कुछ परिवार वर्तमान में इसके अंतर्गत नहीं आते।
उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार बीपीएल परिवारों को दिए जा रहे किसी भी लाभ को न तो कम करेगी और न ही वापस लेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ विपक्षी नेता यह भ्रामक सूचना फैला रहे हैं कि सरकार बीपीएल परिवारों की संख्या कम करना चाहती है। उन्होंने कहा कि यह आरोप पूरी तरह गलत और निराधार हैं। बीपीएल सूची जैसी है वैसी ही रहेगी और इन परिवारों को दिए जा रहे सभी मौजूदा लाभ जारी रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों के सक्रिय सहयोग और समर्थन से हमारी सरकार ने ‘चिट्टा-मुक्त हिमाचल अभियान’ शुरू किया है। अभियान का दूसरा चरण 7 सितंबर, 2026 से ऊना से शुरू किया जाएगा। जल्द ही ‘खेलो हिमाचल, चिट्टा-मुक्त अभियान’ भी शुरू किया जाएगा, जिसके माध्यम से युवाओं को खेलों से जुड़ने और स्वस्थ एवं उत्पादक जीवन शैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ड्रग माफिया को खत्म करने और हिमाचल प्रदेश को नशा-मुक्त राज्य बनाने के लिए सख्त फैसले लिए जा रहे हैं।