ऋषि महाजन/नूरपुर। जिला कांगड़ा कांग्रेस अध्यक्ष अनुराग शर्मा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी पूरी तरह संगठित है और अब केवल कार्यकर्ताओं को और अधिक एकजुट करने की जरूरत है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि एक सप्ताह के भीतर ब्लॉक अध्यक्षों और जिला कार्यकारिणी की नियुक्ति कर दी जाएगी।
मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत नूरपुर पहुंचे अनुराग शर्मा ने संगठन को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि भाजपा के मुकाबले कांग्रेस संगठनात्मक रूप से भले ही कुछ पीछे हो, लेकिन पार्टी का कैडर मजबूत है और नई कार्यकारिणी के गठन तक पुराने व नियुक्त पदाधिकारी पूरी मजबूती से संगठन का कार्य संभालेंगे।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अनुराग शर्मा ने केंद्र की मोदी सरकार पर मनरेगा को धीरे-धीरे खत्म करने और गरीबों से उनका संवैधानिक अधिकार छीनने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन में हर ग्रामीण परिवार को 100 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी थी, लेकिन भाजपा सरकार द्वारा लाए गए नए कानून में यह गारंटी समाप्त कर दी गई है। अब केवल चुनिंदा गांवों में ही काम मिलेगा, जिससे लाखों गरीब मजदूरों का भविष्य खतरे में पड़ गया है।
उन्होंने कहा कि पहले कोई भी परिवार पूरे वर्ष काम की मांग कर सकता था और न्यूनतम मजदूरी की कानूनी गारंटी थी, जबकि भाजपा शासन में फसल कटाई के मौसम में काम बंद करने और मजदूरी मनमाने ढंग से तय करने की तैयारी है। अनुराग शर्मा ने आरोप लगाया कि पहले पंचायतों के माध्यम से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलता था, लेकिन अब ठेकेदार तय करेंगे कि मजदूर कहां और क्या काम करेगा, जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि पहले मनरेगा मजदूरी का 100 प्रतिशत भुगतान केंद्र सरकार करती थी, लेकिन नए कानून के तहत 40 प्रतिशत बोझ राज्यों पर डाल दिया गया है, जिससे आशंका है कि कई राज्यों में काम ही बंद हो जाएगा।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इन्हीं जनविरोधी नीतियों के खिलाफ कांग्रेस ने ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ शुरू किया है। उन्होंने मांग की कि मनरेगा में किए गए सभी बदलाव तत्काल वापस लिए जाएं, काम के संवैधानिक अधिकार की बहाली हो और न्यूनतम मजदूरी 400 प्रतिदिन तय की जाए। उन्होंने बताया कि 30 जनवरी को महात्मा गांधी के शहीदी दिवस पर कांग्रेस पार्टी द्वारा बड़ा अनशन किया जाएगा, जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता और संगठन पदाधिकारी भाग लेंगे।