शाहपुर। कांगड़ा जिला के निजी बस ऑपरेटर ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन से बस पासिंग के फरमानों पर भड़क गए हैं। ऑपरेटरों का कहना है कि इससे निजी बस ऑपरेटर का पासिंग खर्चा बढ़ने के साथ-साथ समय की बर्बादी होगी। इस मामले को लेकर कांगड़ा निजी ऑपरेटर यूनियन की बैठक अध्यक्ष हैप्पी अवस्थी की अध्यक्षता में शाहपुर के पास एक निजी होटल हुई।
इस बैठक में निदेशक परिवहन द्वारा उपमंडल धर्मशाला, ज्वालाजी, देहरा, नगरोटा बगवां और शाहपुर के अंतर्गत सभी वाहनों की पासिंग अनिवार्य रूप से ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन जोकि रानीताल में स्थापित है के द्वारा करवाने के आदेशों पर विस्तार से चर्चा हुई। सभी बस ऑपरेटर ने इन आदेशों पर कड़ा विरोध जताया।
कहा कि इससे निजी बस ऑपरेटर का पासिंग खर्चा बढ़ने के साथ-साथ समय की बर्बादी होगी। ऑपरेटरों ने इस बात की आशंका जताई कि ये आदेश मात्र स्टेशन मालिक को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से पारित किए गए हैं।
यूनियन ने एक स्वर में सरकार और परिवहन विभाग से मांग की है कि इन आदेशों को संशोधित करके इस व्यवस्था को अनिवार्य न करके वैकल्पिक किया जाए और पूर्व की तरह स्वैच्छिक किया जाए, ताकि जो ऑपरेटर अपने वाहनों की पासिंग मोटर वाहन निरीक्षक से करवाना चाहते हैं, वे ऑपरेटर पूर्व की तरह अपने नजदीकी उपमंडल में भी अपने वाहनों की पासिंग करवा सकें। बैठक में प्रस्ताव पारित कर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री और परिवाहन विभाग के अधिकारियों को भेजा गया।