हरिपुर। देहरा विधानसभा क्षेत्र के सीएचसी हरिपुर की क्रस्ना लैब (Krsnaa Lab) कलेक्शन सेंटर का एक कारनामा सामने आया है। सैंपल 16 वर्षीय लड़के आदित्य शर्मा का दिया, लेकिन रिपोर्ट में 16 वर्षीय अदिति की आई। ऐसे में पेरेंट्स कंफ्यूज हैं कि यह रिपोर्ट उनके बेटे की है या नहीं और इस रिपोर्ट के आधार पर कैसे उपचार शुरू करवाएं।
डॉक्टर के कहने पर हरिपुर तहसील के गांव बंगोली के एक व्यक्ति ने अपने 16 वर्षीय बेटे आदित्य शर्मा का सैंपल 8 जून को हरिपुर सीएचसी में दिया। Vitamin B12 Serum और Vitamin D टेस्ट के कुल 524 रुपए अदा किए गए। पर्ची में भी साफ अक्षरों में आदित्य शर्मा लिखा गया था। पर जब रिपोर्ट आई तो रिपोर्ट में अदिति नाम था।
ऐसे में आदित्य शर्मा के पेरेंट्स असमंजस में पड़ गए और उनका असमंजस में पड़ना भी लाजमी था, क्योंकि यह उनके बेटे की सेहत से जुड़ा मामला है। माता-पिता का कहना है कि हम कैसे मान लें कि रिपोर्ट उनके बेटे की ही है और इस रिपोर्ट के आधार पर कैसे बेटे का ट्रीटमेंट शुरू करवाएं।
वहीं, आदित्य शर्मा ने बताया कि हरिपुर सीएचसी कलेक्शन सेंटर में कार्यरत कर्मचारी क व्यवहार भी मरीजों के प्रति ठीक नहीं था। आदित्य शर्मा के परिजनों ने मांग की है कि मामले की जांच की जाए और कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। वहीं, आदित्य शर्मा के परिजनों के अनुसार इस रिपोर्ट को आधार मान कर डॉक्टर ने ट्रीटमेंट करने से इनकार कर दिया।
बता दें कि Vitamin B12 Serum और Vitamin D की रिपोर्ट संबंधित यह पहला मामला नहीं है। पीएचसी भटोली फकोरियां स्थित कलेक्शन सेंटर में सैंपल रिपोर्ट देरी से आने के कई मामले सामने आए हैं। बंगोली निवासी एक महिला ने बताया कि भटोली फकोरियां पीएचसी में दो बार सैंपल देने के बाद रिपोर्ट आठ दिन बाद आई। वहीं, एक अन्य महिला ने बताया कि दो बार सैंपल देने के बाद उनकी Vitamin B12 Serum और Vitamin D की रिपोर्ट 12 दिन बाद आई। ऐसे और भी कई मामले हैं। लोगों का कहना है कि रिपोर्ट में इतनी देरी मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ है।
वहीं, Krsnaa Lab से संबंधित अधिकारी अरुण मेहरा ने बताया कि लैब कर्मचारी द्वारा ऑनलाइन गलत नाम फीड करने से ये दिक्कत आई। कलेक्शन सेंटर में एक बार नाम फीड होने के बाद करेक्शन नहीं होती है।
क्योंकि किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से बचने के लिए कलेक्शन सेंटर को यह अधिकार नहीं दिया गया है। करेक्शन मुख्य केंद्र में ही हो सकती है। आदित्य शर्मा की रिपोर्ट के बारे उन्होंने बताया कि यह ठीक करवा दी गई है और रिपोर्ट आदित्य की ही है। वही, सैंपल रिपोर्ट में देरी को लेकर उन्होंने कहा कि कई बार तकनीकी समस्या के चलते ऐसा हो जाता है। लोगों को रिपोर्ट सही मिले इसके लिए दोबारा सैंपल लिए जाते हैं।