ऋषि महाजन/नूरपुर। कांगड़ा जिला के फतेहपुर में हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड पेंशनर फोरम ने स्मार्ट मीटर योजना के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है। पेंशनर फोरम ने इस योजना को जनविरोधी बताते हुए सरकार और विद्युत बोर्ड प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
पेंशनर फोरम की ओर से स्पष्ट किया गया कि प्रदेश में स्मार्ट मीटर किसी भी सूरत में लागू नहीं होने दिए जाएंगे। इस दौरान यूनिट की उपाध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त अधिशासी अभियंता वीर सिंह ठाकुर और फोरम के मुख्य सलाहकार धर्मवीर कपूर सहित बड़ी संख्या में पेंशनर मौजूद रहे।
पेंशनर फोरम के मुख्य सलाहकार धर्मवीर कपूर ने कहा कि स्मार्ट मीटर योजना पूरी तरह जनविरोधी है। एक मीटर की कीमत करीब दस हजार रुपए है, जिसे उपभोक्ताओं से किश्तों में वसूला जाएगा। इससे गरीब और मध्यम वर्ग पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
पेंशनरों ने कहा कि जब पुराने मीटर सही ढंग से कार्य कर रहे हैं, तो उन्हें बदलने की कोई आवश्यकता नहीं है। स्मार्ट मीटर लागू होने से कर्मचारियों के रोजगार पर संकट पैदा होने की आशंका है, वहीं रिचार्ज आधारित व्यवस्था से ग्रामीण और दूरदराज़ क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
पेंशनर फोरम के उपाध्यक्ष कुलवंत सिंह ने कहा कि सरकार और विद्युत बोर्ड प्रबंधन बिना जरूरत के स्मार्ट मीटर थोपना चाहता है। जब पुराने मीटर सही काम कर रहे हैं, तो उन्हें बदलने का कोई औचित्य नहीं है। एक स्मार्ट मीटर की कीमत करीब दस हजार रुपये है, जिसकी वसूली किश्तों में उपभोक्ताओं से की जाएगी।
इससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। इसके अलावा रिचार्ज आधारित व्यवस्था से ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा, जिसे पेंशनर फोरम किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा।