Breaking News

  • देशभर में ईंधन की तपिश : 10 दिन में चौथी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, जानें नए भाव
  • हिमाचल पंचायत चुनाव : पहले चरण के लिए 26 मई को 1293 पंचायतों में होगी वोटिंग
  • भयंकर गर्मी में लू से कैसे बचें : जान लीजिए सेहतमंद रहने के ये आसान उपाय
  • राज्यपाल कविंद्र गुप्ता से मिला भाजपा प्रतिनिधिमंडल, समक्ष रखे जनहित एवं प्रशासनिक मुद्दे
  • दोस्तों के साथ चूड़धार यात्रा पर निकला था युवक, नेरवा क्षेत्र में खड्ड में डूबने से गई जान
  • खबर का असर : नूरपुर क्षेत्र में गंदे पानी की समस्या पर तुरंत एक्शन मोड में आया विभाग
  • फिर आग उगलेंगे सूर्य देव : शुरू हो रहा नौतपा, जानें क्या है इसकी वजह
  • जिला परिषद तक पहुंचाएंगे कमनाला पंचायत की विकास गाथा, भलेटा वार्ड से बबीता डडवाल को मिल रहा भारी जनसमर्थन
  • कांगड़ा मंदिर बाजार में बुजुर्ग महिला के गले से सोने की चेन झपटने वाले दो आरोपी पकड़े
  • जवाली निवासी व्यक्ति व उसके परिवार की 95 लाख से अधिक मूल्य की अवैध संपत्ति फ्रीज

नेरचौक मेडिकल कॉलेज में इसी वर्ष शुरू होगी रोबोटिक सर्जरी, MRI के लिए 28 करोड़ स्वीकृत

ewn24 news choice of himachal 14 Oct,2025 6:52 pm


    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने की आईआरआईएस-2025 की अध्यक्षता


    मंडी। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय मेडिकल कॉलेज नेरचौक, जिला मंडी के कार्यक्रम आईआरआईएस-2025 की अध्यक्षता की।

    उन्होंने नेरचौक मेडिकल कॉलेज में इसी वर्ष रोबोटिक सर्जरी शुरू करने की घोषणा करते हुए कहा कि यहां एमआरआई मशीन लगाने के लिए 28 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिसे दो माह में स्थापित कर दिया जाएगा।


    HPBose : टेट के 2312 आवेदन रद्द, कारण जानने के लिए पढ़ें खबर  




    उन्होंने कहा कि नेरचौक में कैथ लैब के लिए राज्य सरकार ने 12 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं, जिसमें से 9 करोड़ रुपये दे दिए गए हैं। जल्द ही सभी मेडिकल कॉलेजों में एम्स, दिल्ली की तर्ज पर एक ही ब्लड सैंपल से 100 टेस्ट किए जाएंगे। स्मार्ट डायग्नोस्टिक लैब के लिए 75 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

    उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार ने प्रदेश का खजाना लुटाया। अगर यह पैसा पिछली सरकार सही इस्तेमाल करती, तो आज स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होतीं। उन्होंने कहा कि जब देश विदेश में हिमाचल के डॉक्टर मिलते हैं तो सुखद एहसास होता है। हमारे डॉक्टर प्रतिभाशाली हैं लेकिन पुरानी तकनीक के कारण उन्हें मरीजों के इलाज में परेशानी आती है।


    हिमाचल में अक्टूबर में अब तक अच्छी बारिश, बिलासपुर और सोलन में सबसे अधिक बरसे मेघ 




    स्वास्थ्य के क्षेत्र में टेक्नीशियन की कमी दूर करने के लिए मेडिकल कॉलेजों में सीटें बढ़ाई गई हैं। इसके अतिरिक्त डिपार्टमेंट ऑफ एमरजैंसी मेडिसिन में 38 पद स्वीकृत किए गए हैं। 

    वर्तमान सरकार को प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों की खराब हालत विरासत में मिली लेकिन आज एम्स स्तर की तकनीक मेडिकल कॉलेजों में लाई जा रही है। उन्होंने कहा कि शिमला चमियाणा अस्पताल और टांडा मेडिकल कॉलेज में रोबोटिक सर्जरी शुरू कर दी गई है जहां 45 ऑपरेशन रोबोट के माध्यम से हुए है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सत्ता संभालने के पहले दिन से ही नीतिगत बदलाव किया ताकि लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलें। शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए व्यापक प्रयास किए गए हैं, जिससे आज शिक्षा के क्षेत्र में 60 प्रतिशत तक सुधार आया है। हम 21वें स्थान से बढ़कर 5वें स्थान पर पहुंच गए हैं।


    बरठीं के लोग बोले-सड़क की हालत खस्ता, कोई नहीं सुनता, मंत्री भी देते आश्वासन, फिर भूल जाते 




    उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने राजनीतिक लाभ के लिए स्कूल तो खोल दिए लेकिन सुविधाएं नहीं थी, इसलिए हमें उन्हें बंद करने का फैसला लेना पड़ा। उन्होंने कहा कि वह स्वयं सरकारी स्कूल में पढ़े हैं लेकिन बच्चों से बातचीत के दौरान उनमें आत्मविश्वास की कमी पाई। लेकिन सुधारों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं, जिसके लिए सभी अध्यापक बधाई के पात्र हैं।

    उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल खोल जा रहे हैं। पहली कक्षा से इंग्लिश मीडियम की शुरुआत की गई है और 100 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई आधारित बनाया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने अपने छात्र जीवन को याद करते हुए कहा कि उन्होंने राजनीति छात्र जीवन से शुरू की और 26 वर्ष की आयु में शिमला नगर निगम का पार्षद बने। उन्होंने कभी सोचा नहीं था कि प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में लोगों की सेवा करने का अवसर मिलेगा।

    उन्होंने कहा कि सफलता हर बार नहीं मिलती है, लेकिन हमें असफलता से कभी निराशा नहीं होना चाहिए तथा सफलता पाने के लिए सभी को मेहनत से कार्य करना चाहिए। सुक्खू ने छात्रों को 5 लाख रुपये सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए देने की घोषणा की।

    इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, विधायक चंद्रशेखर, अनिल शर्मा एवं इंद्र सिंह गांधी, पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर एवं प्रकाश चौधरी, पूर्व सीपीएस सोहन सिंह ठाकुर, राज्य कौशल विकास निगम के समन्वयक अतुल कड़ोहता, एपीएमसी अध्यक्ष संजीव गुलेरिया, जोगिंदर गुलेरिया, कांग्रेस नेता जगदीश रेड्डी, विजय पाल सिंह, जीवन ठाकुर, नरेश चौहान, लाल सिंह कौशल, पवन ठाकुर, चंपा ठाकुर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।




    हिमाचल और देश दुनिया से जुड़ी हर बड़ी अपडेट पाएं अपने फोन पर, जुड़े WhatsApp ग्रुप के साथ 




    केंद्रीय विद्यालय घुमारवीं को मिलेगा अपना भवन, भूमि हस्तांतरण को मिली सैद्धांतिक मंजूरी 




    नूरपुर एसडीएम ऑफिस के पास तालाब की हालात खराब, मछलियों ने तोड़ा दम-आ रही बदबू  



    घुमारवीं में नई क्लस्टर प्रणाली के खिलाफ शिक्षकों का हल्ला बोल, रैली निकालकर जताया विरोध 




    हिमाचल के सवाते खिलाड़ियों का दमदार प्रदर्शन, राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान हासिल




    सिविल अस्पताल बरठीं की सुधारो हालत, 1937 में राजा आनंद चंद ने किया था स्थापित  




Himachal Latest

Live video

Jobs/Career

Trending News

  • Crime

  • Accident

  • Politics

  • Education

  • Exam

  • Weather