ऋषि महाजन/नूरपुर। राष्ट्रीय राजमार्ग-154 पर स्थित जसूर कस्बे में सोमवार को फोरलेन निर्माण कार्य के दौरान बड़ी लापरवाही सामने आई। यहां बरसाती नालियों की सफाई से निकला मलबा सड़क पर गिर गया। मलबे और कीचड़ के कारण सड़क पर इतनी फिसलन हो गई कि एक युवती और बच्चों सहित कई दोपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो गए।
फोरलेन निर्माण कार्य के दौरान हुई कथित लापरवाही के चलते स्थिति तनावपूर्ण हो गई। दरअसल, बरसाती नालियों की सफाई के दौरान निकाले गए मलबे को ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर ले जाया जा रहा था, लेकिन मलबा मुख्य सड़क पर गिरता चला गया। मलबे के साथ निकले कीचड़ और अन्य तरल पदार्थ सड़क पर फैल जाने से सड़क बेहद फिसलन भरी हो गई, जिसके चलते कई चालक सड़क पर गिर गए। हादसों में बच्चे सहित कई लोगों को चोटें आईं।
लगातार हो रही दुर्घटनाओं से नाराज स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-154 पर जाम लगा दिया। यह जाम करीब डेढ़ घंटे तक जारी रहा, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सूचना मिलने पर उपमंडल अधिकारी (एसडीएम) नूरपुर अरुण शर्मा, ग्राम पंचायत जसूर के उपप्रधान अंकित वर्मा, फोरलेन कंपनी के अधिकारी तथा पुलिस टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने लोगों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम खोल दिया गया और यातायात बहाल हो सका।
मौके पर एसडीएम अरुण शर्मा ने कहा कि स्थानीय लोगों के आग्रह पर ही नालियों की सफाई करवाई जा रही थी। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम को देखते हुए अब नालियों की सफाई का कार्य फिलहाल बंद कर दिया जाएगा। साथ ही सड़क पर फैली गंदगी और मलबे को शीघ्र साफ करवाने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाएं न हों।
वहीं, मौके पर मौजूद ग्राम पंचायत जसूर के उपप्रधान अंकित वर्मा ने स्पष्ट किया कि नालियों की सफाई के लिए पंचायत की ओर से फोरलेन कंपनी को कोई लिखित पत्र जारी नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि यह कार्य स्थानीय लोगों की मांग पर कंपनी के कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा था तथा इस सफाई अभियान से पंचायत का कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है।
स्थानीय लोगों का कहना था कि समस्या के समय जनप्रतिनिधियों को मौके पर उपस्थित रहकर लोगों की बात सुननी चाहिए थी। लोगों ने मांग की कि फोरलेन निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा और सफाई के पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।