रेखा चंदेल/घुमारवीं। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हिमाचल प्रदेश द्वारा आयोजित 'प्राथमिक शिक्षा बचाओ न्याय यात्रा' अपने 8वें दिन जिला बिलासपुर के घुमारवीं से शिमला के लिए रवाना हो गई। संघ के प्रदेशाध्यक्ष रमेश शर्मा के गृह जिले में प्रवेश करते ही यात्रा को अभूतपूर्व जनसमर्थन मिला, जहां 2500 से अधिक लोगों का हुजूम सड़कों पर उतर आया।
घुमारवीं पहुंचने पर लोक निर्माण विभाग (PWD) के विश्रामगृह के पास स्थानीय प्राथमिक शिक्षकों, सेवानिवृत्त शिक्षकों, मिड-डे मील वर्करों और मल्टी-टास्क वर्करों ने राज्य अध्यक्ष रमेश शर्मा और उनके पूरे दल का फूल-मालाओं के साथ भव्य स्वागत किया।
इस जनसैलाब में बड़ी संख्या में पंचायत प्रतिनिधियों, पंचायत समिति सदस्यों और कई अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया. पूरा घुमारवीं बाजार चौक जोरदार नारेबाजी से गूंज उठा।
खराब मौसम और बरसात के बावजूद लोगों का जोश देखने योग्य था। हजारों लोग यात्रा दल के साथ कई किलोमीटर तक पैदल चले। घुमारवीं के बाद जैसे-जैसे यात्रा आगे बढ़ी—ब्लू, भगेड, अवारी, घुमानी चौक और कंदरौर में भी भारी भीड़ ने सड़क पर कई किलोमीटर लंबी कतारें लगाकर न्याय यात्रा का स्वागत और सहयोग किया।
प्राथमिक शिक्षक संघ मुख्य रूप से 'न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम' (New Complex System) के विरोध में और अपनी 25 अन्य लंबित मांगों को लेकर इस पैदल यात्रा का आयोजन कर रहा है.
संघ के अध्यक्ष और महासचिव ने हिमाचल सरकार से प्राथमिक शिक्षकों के साथ हो रहे कथित अन्याय पर सीधे सवाल उठाए हैं:
वेतन आयोग का एरियर: छठे वेतन आयोग का एरियर सरकार द्वारा अभी तक नहीं दिया गया है।
महंगाई भत्ता (DA): महंगाई भत्ते की कई महत्वपूर्ण किस्तों का भुगतान लंबे समय से लंबित है।
हायर ग्रेड पे पर कैंची: 2 साल की नियमित सेवा पूरी करने के बाद प्राथमिक शिक्षकों को मिलने वाला 'हायर ग्रेड पे' भी छीन लिया गया है, जिससे शिक्षकों में भारी रोष है।
नेतृत्व का बयान: "छठे वेतन आयोग का एरियर मिल नहीं रहा, डीए की किश्तें लंबित हैं और अब हमारा हायर ग्रेड पे भी छीन लिया गया। आखिर प्राथमिक शिक्षकों के साथ ही यह बार-बार अन्याय क्यों किया जा रहा है?"
संघ की यह न्याय यात्रा आगामी 25 जुलाई को पैदल शिमला पहुंचेगी। इसके ठीक अगले दिन यानी 26 जुलाई को शिमला के ऐतिहासिक चौड़ा मैदान में एक विशाल धरना-प्रदर्शन (महा-आंदोलन) का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रदेश भर से हजारों शिक्षकों के जुटने की संभावना है।