अंकित चौधरी, सूरज प्रकाश डिंपू\हरिपुर। हिमाचल प्रदेश के देहरा विधानसभा क्षेत्र के तहत हरिपुर तहसील की तीन प्रमुख पंचायतों में इन दिनों प्रशासनिक अव्यवस्था के चलते आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बंगोली पटवारखाना में स्थाई पटवारी की नियुक्ति न होने के कारण बंगोली, भटोली फकोरियां और झकलेड़ पंचायत के करीब 8 गांवों के सैकड़ों लोगों के राजस्व संबंधित (Revenue) कार्य पूरी तरह लटक गए हैं।
6 महीने से खाली है पद, डेपुटेशन के भरोसे व्यवस्था
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, पिछले 6 महीनों से भी अधिक समय से बंगोली में पटवारी का पद रिक्त पड़ा है। यहां तैनात पिछले पटवारी का तबादला होने के बाद से सरकार और विभाग ने किसी भी स्थाई पटवारी की सुध नहीं ली।
वर्तमान में अस्पताल और स्कूल की तर्ज पर पटवारखाने को भी डेपुटेशन (अतिरिक्त कार्यभार) के सहारे चलाया जा रहा है। इससे पहले जिस पटवारी को डेपुटेशन पर भेजा गया था, उसकी ड्यूटी जनगणना (Census) कार्य में लगा दी गई। अब एक अन्य पटवारी को अतिरिक्त जिम्मा दिया गया है, जो हफ्ते में सिर्फ दो दिन (सोमवार और वीरवार) ही बंगोली पटवारखाने में बैठता है।
दो दिन बैठते हैं पटवारी, उमड़ रही भारी भीड़
हफ्ते में सिर्फ दो दिन पटवारखाना खुलने के कारण स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण हो गई है। सोमवार और वीरवार को काम करवाने के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ती है, जिससे सोशल डिस्टेंसिंग तो दूर, लोगों को सुबह से शाम तक कतारों में खड़ा रहना पड़ता है। कई लोगों को बिना काम करवाए ही मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। इंतकाल, प्रमाण पत्र, भूमि पैमाइश और अन्य जरूरी राजस्व कार्य कई-कई दिनों तक अटक रहे हैं।
विधायक कमलेश ठाकुर से स्थाई नियुक्ति की गुहार
तीन पंचायतों के सैकड़ों प्रभावित ग्रामीणों ने अब प्रदेश सरकार और देहरा की नवनिर्वाचित विधायक कमलेश ठाकुर से इस गंभीर समस्या का समाधान करने की गुहार लगाई है। लोगों का कहना है कि तीन पंचायतों की बड़ी आबादी को इस दफ्तर के चक्कर काटने पड़ते हैं, इसलिए बिना किसी देरी के बंगोली पटवारखाना में एक स्थाई पटवारी की तैनाती की जाए ताकि जनता को इस रोज-रोज की परेशानी से मुक्ति मिल सके।