शिमला। हिमाचल में तैनात की जा रही असिस्टेंट स्टाफ नर्स की सेवाओं को नियमित करने का कोई प्रावधान नहीं है। हालांकि, सरकार इनकी सेवा अवधि बढ़ाने पर विचार कर सकती है। यह जानकारी हिमाचल विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा के सवाल के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने मुहैया करवाई है।
जानकारी दी गई कि वर्तमान में स्वास्थ्य एवं कल्याण विभाग के अंतर्गत सरकारी अस्पतालों में स्टाफ नर्सों के 672 पद रिक्त हैं। भर्ती एवं पदोन्निति नियमों के अनुसार 45 फीसदी पद सीधी भर्ती के माध्यम से, 45 फीसदी बैचवाइज और 10 प्रतिशत प्रमोशन के माध्यम से भरे जाते हैं। रिक्त पदों को भरा जाना एक निरंतर प्रक्रिया है।
प्रदेश के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए सरकार द्वारा (चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग) अधिसूचित पॉलिसी दिनांक 6 नवंबर 2025 के अन्तर्गत असिस्टेंट स्टाफ नर्स की सेवाओं को लिया जा रहा है।
इनकी सेवा अवधि 5 वर्ष के लिए है, इस नीति के तहत तैनात सहायक स्टाफ नर्सों की सेवाओं को नियमित करने का प्रावधान नहीं है। हालांकि, जरूरत के अनुसार और सार्वजनकि हित को ध्यान में रखते हुए इनकी सेवा अवधि को भविष्य में बढ़ाने बारे सरकार विचार कर सकती है।
स्टाफ नर्सों की नियुक्ति छठवें वेतनमान के तहत स्तर-9 में की जा रही है। असिस्टेंट स्टाफ नर्सों की नियुक्ति उक्त पॉलिसी के तहत निश्चित मानदेय 25000 रुपए प्रति महीना पर की जा रही है। वित्त विभाग के परामर्श एवं तदोपरांत मंत्रिमंडल की स्वीकृति के बाद ही विभाग में असिस्टेंट स्टाफ नर्सों की तैनाती संबंधित नीति/पालिसी 06 नवंबर 2025 के अनुरूप की जा रही है।