ऋषि महाजन/नूरपुर। पठानकोट-जोगिंदरनगर रेल सेवा कब बहाल होगी, इसे लेकर अभी भी स्थिति साफ नहीं हुई है। मंगलवार को नूरपुर रोड रेलवे स्टेशन पर कांगड़ा-चंबा लोकसभा सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज और जम्मू डिवीजन के डीआरएम विवेक कुमार ने संयुक्त दौरा कर रेल ट्रैक और इससे जुड़ी समस्याओं का जायजा लिया, लेकिन निरीक्षण के बाद भी ट्रेन संचालन की कोई निर्धारित तारीख सामने नहीं आई। डीआरएम ने स्पष्ट किया कि ट्रैक की सुरक्षा रिपोर्ट और निरीक्षण की स्थिति रिपोर्ट आने के बाद ही ट्रेन चलाने का निर्णय लिया जाएगा।
सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने कहा कि वह सांसद बनने के बाद से लगातार क्षेत्र की जनता की इस समस्या को प्रमुखता से उठाते रहे हैं और आगे भी उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से जम्मू डिवीजन के डीआरएम को मौके पर बुलाकर अधिकारियों के साथ ग्राउंड जीरो पर जाकर वास्तविक स्थिति देखने का निर्णय लिया गया, ताकि हर बरसात में चार-चार महीने रेल सेवा बंद होने की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सके। उन्होंने बताया कि ऐसे दो मुख्य स्पॉट हैं, जहां बरसात के दौरान रेल सेवा प्रभावित होती है। इन स्थानों का मौके पर निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि बार-बार होने वाली समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सके।
जब सांसद से पूछा गया कि पहले पठानकोट-जोगिंदरनगर ट्रैक पर सात ट्रेनें चलती थीं, तो अब इनकी संख्या क्यों घट गई है, उन्होंने कहा कि उनका पूरा प्रयास रहेगा कि सभी ट्रेनें नियमित रूप से चलें। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि पठानकोट के कुछ व्यापारियों को फायदा पहुंचाने के लिए उनके क्षेत्र की जनता को परेशानी में डालने का प्रयास किया गया तो इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पठानकोट के व्यापारियों की भी कोई समस्या है तो उसका समाधान निकाला जाएगा, लेकिन इसके लिए नूरपुर और कांगड़ा क्षेत्र की जनता को नुकसान नहीं होना चाहिए।
सांसद ने कहा कि हर समय विरोध करना भी उचित नहीं होता। परिस्थितियों को समझकर समाधान निकालना जरूरी है। जम्मू डिवीजन नया बना है और कई बार तकनीकी, व्यावहारिक समस्याओं के साथ स्टाफ की कमी के कारण भी रेल संचालन प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि उनके प्रयासों से ही आज डीआरएम स्वयं मौके पर निरीक्षण करने पहुंचे हैं। वह इस मुद्दे को संसद के शून्यकाल में भी उठाएंगे।
ब्रॉडगेज को लेकर पूछे गए सवाल पर सांसद ने कहा कि उन्होंने सांसद बनने के बाद चार बार संसद में यह मुद्दा उठाया और इसकी जोरदार पैरवी की। इसके परिणामस्वरूप दो बार सर्वे पूरा हो चुका है और डीपीआर भी तैयार है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना को जल्द पूरा करवाने के प्रयास जारी हैं। यह रेल लाइन हिमाचल में पर्यटन की दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है।
सांसद ने बताया कि नूरपुर रोड स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन योजना में शामिल करवाने का मुद्दा भी उन्होंने उठाया था। इसके तहत करीब 8.25 करोड़ रुपये मंजूर हो चुके हैं और अगले चरण में करीब तीन माह के भीतर स्टेशन पर कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
योजना के तहत मिलने वाली करीब 95 प्रतिशत सुविधाएं नूरपुर रोड स्टेशन को भी मिलेंगी। इस दौरान नूरपुर के विधायक रणबीर सिंह निक्का ने सांसद और डीआरएम के प्रयासों की सराहना की। छतरौली पंचायत के लोगों की ओर से उठाई गई फुट ओवरब्रिज की समस्या को भी शीघ्र हल करने की बात कही गई।
वहीं डीआरएम विवेक कुमार ने कहा कि सुरक्षा रिपोर्ट और निरीक्षण स्टेटस रिपोर्ट आने के बाद ही तय होगा कि ट्रेन कब चलेगी। फिलहाल कोई तारीख बताना संभव नहीं है।