ऋषि महाजन/नूरपुर। कांगड़ा घाटी रेलवे ट्रैक पर बड़ी सीख के बाद बनाया चक्की पुल रेल संरक्षा आयुक्त (Commissioner of Railway Safety) नई दिल्ली की कसौटी में पास हो गया है। अगस्त 2022 में नदी में उफान आने से चक्की पुल बह गया था। पुल बहने से पठानकोट से ट्रेन की आवाजाही पर ब्रेक लग गई थी।
हिमाचल और पंजाब के क्षेत्रों में हाइट का काफी अंतर रहता है। ऐसे में रेलवे ने पुल बहने की घटना से सीख लेकर इसे पूरी सुरक्षा के मध्यनजर तैयार किया। पुल की नींव और गहरी रखी गई है। साथ ही अन्य सुरक्षा संबंधित कार्य किए गए हैं।
रेल संरक्षा आयुक्त (Commissioner of Railway Safety) नई दिल्ली दिनेश चंद देशवाल का कहना है कि इंजीनियर्स ने सारी चीजों को ध्यान में रखकर पुल बनाया है। निरीक्षण में सभी पैरामीटर को बारीकी से जांचा परखा जा रहा है। अब तक के निरीक्षण में चीजें संतोषजनक पाई गई हैं।
हिमाचल के साथ पंजाब के मैदानी क्षेत्रों में हाइट का अंतर काफी ज्यादा होता है। अगस्त 2022 में बरसात में नदी के पानी के फ्लो में चक्की पुल बह गया था। उस घटना से जो-जो सीखा जा सकता था, उसको सीखने के बाद इस ब्रिज की और गहरी नींव बनाई गई है। अन्य प्रोटेक्शन वर्क भी किया है। पुल का काम अच्छी क्वालिटी का हुआ है।
बता दें कि रेल संरक्षा आयुक्त (Commissioner of Railway Safety) नई दिल्ली दिनेश चंद देशवाल मंगलवार को नवनिर्मित चक्की पुल और ट्रैक का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने पहले रेलवे चक्की पुल का निरीक्षण किया। इसके बाद इंस्पेक्शन ट्रेन से पालमपुर के लिए रवाना हुए। यह ट्रेन 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली। सीआरएस निरीक्षण के बाद अब पठानकोट से जल्द ट्रेन चल सकती है।