ऋषि महाजन/नूरपुर। कांगड़ा घाटी रेलवे ट्रैक पर पठानकोट से ट्रेन की छुक छुक सुनने का इंतजार कर रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। पठानकोट-जोगिंद्रनगर ट्रैक पर पठानकोट से सवारियों को लेकर जल्द ट्रेन दौड़ सकती है। Commissioner of Railway Safety ने नवनिर्मित चक्की पुल को हरी झंडी दे दी है।
ऐसे में अब बाकी औपचारिकताएं पूरी कर ट्रेन चलने की संभावना बढ़ गई है। बता दें कि Commissioner of Railway Safety नई दिल्ली दिनेश चंद देशवाल नवनिर्मित चक्की पुल और ट्रैक का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने पहले रेलवे चक्की पुल का निरीक्षण किया।
इसके बाद इंस्पेक्शन ट्रेन से पालमपुर के लिए रवाना हुए। यह ट्रेन 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार चलकर पालमपुर पहुंचेगी। 25 फरवरी 2026 को जोगिंद्रनगर तक ट्रैक का निरीक्षण करने के बाद पठानकोट लौटेंगे।
रेल संरक्षा आयुक्त (Commissioner of Railway Safety) नई दिल्ली दिनेश चंद देशवाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इंजीनियर्स ने ध्यान में रखकर रेलवे चक्की पुल बनाया है। पठानकोट से बीस किलोमीटर ट्रैक पर लंबे अरसे से ट्रेन की आवाजाही बंद है, ऐसे में रेल चलाने से पहले सारे पैरामीटर को जांचा जा रहा है।
अब तक के निरीक्षण में सब चीजें संतोषजनक पाई गई हैं। उन्होंने कहा कि पुल टूटने की घटना से सबक लेकर काम किया गया है। पुल की नींव गहरी रखी गई और प्रोटेक्शन वर्क भी किया है। पुल का काम अच्छी क्वालिटी का हुआ है। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के बाद गाड़ी परिचालन से संबंधित सभी इश्यू को हल कर जल्द ट्रेन चला दी जाएगी। जम्मू डिवीजन के डीआरएम विवेक कुमार भी उनके साथ थे।
बता दें कि अगस्त 2022 में भारी बरसात में चक्की पुल बह गया था। तब से पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेलवे ट्रैक पर पठानकोट से ट्रेन की आवाजाही बंद है। वर्तमान में बैजनाथ पपरोला से कांगड़ा के बीच ही दो जोड़ी ट्रेन चल रही है।
नूरपुर रोड से बीच-बीच में ट्रेन चली, लेकिन फिर बंद हो गई। इससे जसूर कस्बे के व्यापारियों सहित अन्य लोगों को काफी परेशानी हो रही थी। पुल का काम पूरा होने के बाद जनवरी माह में महाप्रबंधक उत्तर रेलवे अशोक कुमार वर्मा के पुल का निरीक्षण किया था।
इसके बाद पांच डिब्बों के साथ पठानकोट से नूरपुर रोड और नूरपुर रोड से पठानकोट तक ट्रायल किया गया था। ट्रायल सफल रहने के बाद रिपोर्ट Commissioner of Railway Safety नई दिल्ली को सौंप दी थी। अभी रेल संरक्षा आयुक्त का निरीक्षण बचा था। अब रेल संरक्षा आयुक्त का निरीक्षण के बाद जसूर के व्यापारियों और अन्य लोगों में खुशी की लहर है।