शिमला। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आपको सैकड़ों लोन उपलब्ध करवाने वाली एप्लीकेशन दिख जाएंगी। इनमें से कुछ एप्लीकेशनों ने बड़ा गोरखधंधा चलाया हुआ है। फेसबुक या अन्य जगह विज्ञापन पर ये एप्लीकेशन लुभावने ऑफर देती हैं, लेकिन सच्चाई इसके द्वारा किए गए दावे से कोसों दूर होती है।
यही नहीं एप्लीकेशन कंप्लीट होने के बाद लोन मंजूरी पर पैसा खाते में डालने से पहले ईएमआई और लोन कितने दिन के लिए होगा के बारे कुछ जानकारी नहीं देती हैं और सीधा पैसे खाते में डाल देती हैं। पैसा मंजूर अमाउंट से लगभग आधा होता है। उदाहरण के तौर पर अगर पांच हजार रुपए का लोन अप्रूव किया है तो तीन हजार रुपए ही खाते में डालेंगी और लोन लेने वाले को पूरे पांच हजार रुपए ही वापस करने होते हैं।
वह भी सात दिन के पहले। छठे दिन ही इनकी हैरेसमेंट शुरू हो जाती है। इन लोन एप्लीकेशन के एजेंट धमकियां और गालियां देने पर उतारी हो जाते हैं। यह लोन ऐप बिल्कुल अवैद्य रूप से चल रही हैं। आरबीआई के साथ बिल्कुल भी रजिस्टर नहीं हैं। ऐप आरबीआई की गाइडलाइन भी फॉलो नहीं करती हैं।
ऐसे ही एक ऐप वानी क्रेडिट (Vani Credit) और सेविंग सीड पर अपने लोग इन किया। वानी क्रेडिट ऐप का विज्ञापन फेसबुक पर देखा। विज्ञापन में 25 हजार रुपए का तुरंत लोन चार फीसदी ब्याज पर देने का दावा किया गया था। ऐप इनस्टॉल कर जब लोग इन किया तो पहले की अकाउंट नंबर की जानकारी भरने के लिए कहा गया।
उसके बाद बाकी औपचारिकताएं पूरी करवाई गईं, लेकिन लोन अवधि और ईएमआई के बारे किसी प्रकार की जानकारी नहीं दी गई। साथ ही लोन राशि खाते में डालने से पहले अंतिम कन्फर्मेशन भी नहीं ली गई और तीन हजार लोन मंजूर कर 1800 रुपए खाते में डाल दिए। प्रोसेसिंग फीस के नाम पर बड़ा गोरखधंधा किया गया। ऐसे ही सेविंग सीड ऐप के साथ हुआ।
पैसा वसूल करने के लिए यह ऐप किसी भी हद तक जा सकती हैं। धमकियां, गालियां देने के साथ यह आपकी फोटो आपके फोन में सेव संपर्क नंबरों को भेजने की बात कहते हैं। साथ ही जो वैकल्पिक नंबर दिए होते हैं उनको भी फोन कर तंग करते हैं। इसलिए किसी भी एप्लीकेशन से लोन लेने से पहले उसकी सत्यता जांच लें।
यह पड़ताल कर लें कि ऐप आरबीआई से रजिस्टर्ड है या नहीं। ऐप के रिव्यू जरूर देखें। जांच पड़ताल के बाद ही ऐप को इनस्टॉल करें। अगर आप यह सोचेंगे कि चलो अप्लाई कर देता हूं और अगर ठीक लगा तो लोन लें लेंगे। नहीं तो रहने देंगे। पर यह आपकी बड़ी गलती होगी। क्योंकि ऐसी ऐप बैंक अकाउंट की जानकारी पहले ले लेती हैं।
एक बार आपने एप्लीकेशन कंपलीट कर दी तो फिर न चाहते हुआ भी लोन राशि खाते में आ जाएगी। हालांकि, अधिकतर ऐप जो आरबीआई से रजिस्टर्ड होती हैं वह पहले एप्लीकेशन भरवाती हैं और लोन अप्रूव होने के बाद ही खाते की जानकारी भरने के लिए कहती हैं।
आपको लोन के बारे जानकारी पहले ही मुहैया करवा देती हैं। इसलिए पहले जांच पड़ताल कर लें उसके बाद ही किसी लोन एप्लीकेशन को इनस्टॉल करें और उसमें लोन प्रक्रिया के लिए आगे बढ़ें। जल्दबाजी में ऐसी गलती न कर दें, जो आपको और परेशान कर दे।
अगर आपके साथ ऐसी धोखाधड़ी हो जाए तो नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर सेल में इसकी शिकायत करें। साथ ही अपने संपर्क में बता दें कि उनके साथ लोन के नाम पर धोखाधड़ी हुई है। फेसबुक आदि पर भी आप पोस्ट डालकर लोगों को बता सकते हैं। आपकी सावधानी में ही बचाव है।