ऋषि महाजन/नूरपुर। चुनावी माहौल के बीच आयुष विभाग से संबंधित आयुष्मान आरोग्य कल्याण निधि को लेकर बैठक विवाद ने शुक्रवार को नया मोड़ ले लिया।
जिला आयुष अधिकारी बृजनंदन शर्मा और सह निदेशक कांगड़ा जोन इंदु शर्मा ने कंडवाल में आयुष विभाग के कार्यालय में संयुक्त पत्रकार वार्ता कर विभाग के ही एक अधिकारी पर सरकारी दस्तावेज से छेड़छाड़ कर लोगों को गुमराह करने का गंभीर आरोप लगाया। अधिकारियों ने कहा कि एक सरकारी पत्र में कथित तौर पर बदलाव कर उसे विपक्षी नेताओं तक पहुंचाया गया, ताकि सरकार और विभाग के खिलाफ अविश्वास का माहौल बनाया जा सके।
गौरतलब है कि एक दिन पहले पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता राकेश पठानिया ने पत्रकार वार्ता कर आयुष विभाग पर चुनाव के दौरान गड़बड़ी और सरकारी तंत्र के दुरुपयोग के आरोप लगाए थे। इसी मामले को लेकर शुक्रवार को विभाग की ओर से स्पष्टीकरण दिया गया।
संयुक्त प्रेसवार्ता में अधिकारियों ने दावा किया कि विभाग द्वारा जारी मूल सरकारी पत्र और कथित रूप से छेड़छाड़ कर तैयार किए गए पत्र की प्रतियां पत्रकारों को दिखाई गईं। उन्होंने कहा कि दोनों दस्तावेजों की तुलना करने पर स्पष्ट रूप से अंतर दिखाई देता है। अधिकारियों के अनुसार संबंधित अधिकारी ने जानबूझकर तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया और विभाग की छवि खराब करने का प्रयास किया।
जिला आयुष अधिकारी बृजनंदन शर्मा ने कहा कि यह मामला केवल विभागीय अनुशासनहीनता तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता के बीच भ्रम और सरकार के प्रति अविश्वास पैदा करने की सुनियोजित कोशिश है। उन्होंने कहा कि विभाग इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से ले रहा है।
वहीं सह निदेशक इंदु शर्मा ने बताया कि मामले की जांच के लिए विभागीय कमेटी गठित कर दी गई है। जांच रिपोर्ट आते ही दोषी अधिकारी के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकारी रिकॉर्ड के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रेसवार्ता के दौरान अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि विभाग पूरी पारदर्शिता के साथ कार्य कर रहा है और चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने जैसी किसी भी गतिविधि में विभाग की कोई भूमिका नहीं है। विभाग ने लोगों से अपील की कि अपुष्ट और भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करें। बता दें कि छेड़छाड़ मीटिंग एजेंडे के साथ हुई है।