चंबा। पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। इस कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इस मौके पर पंडित जवाहरलाल नेहरू सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल चम्बा के प्राचार्य कम डीन डॉ. पंकज गुप्ता ने कहा कि यह शुभ अवसर प्रत्येक भारतीय के लिए एक महान दिन है।
क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की कल्पना भारत के प्रधानमंत्री के द्वारा की गई थी। सितंबर 2014 में सयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान के बाद संयुक्त महासभा ने प्रस्ताव पारित किया और 21 जून का अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में घोषित किया। पहला योग दिवस 21 जून, 2015 को मनाया गया था। वास्तव में भारतीयों के लिए एक महान क्षण था।
डॉ. पंकज गुप्ता ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की घोषणा की गई, तो तारीख तय करने की जिम्मेदारी भारत पर थी। ऐसे में, 21 जून को चुनने के पीछे कई खास वजहें थीं। जैसे कि 21 जून उत्तरी गोलार्ध में साल का सबसे लंबा दिन होता है, जिसे ग्रीष्म संक्रांति के नाम से जाना जाता है।
इस दिन सूर्य की किरणें सबसे ज्यादा समय तक धरती पर पड़ती हैं। ज्योतिष और आध्यात्म की दृष्टि से इस दिन का खास महत्व है। मान्यता है कि इसी दिन आदियोगी भगवान शिव ने अपने शिष्यों को योग का ज्ञान देना शुरू किया था। इसलिए यह दिन ‘योग का उद्गम’ भी कहलाता है। इस खगोलीय और आध्यात्मिक महत्व के कारण ही 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के लिए चुना गया।
डॉ. पंकज गुप्ता ने यह भी कहा कि योग के विभिन्न रूपों से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को अलग अलगतरीकों से लाभ मिलता है। शरीर स्वस्थ रहता है। योगा से शारीरिक मानसिक और आध्यात्मिकता का विकास होता है।
हर साल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के लिए एक नई थीम तय की जाती है, जो योग के एक खास पहलू पर जोर देती है। साल 2026 के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग है। इस अवसर पर योग गुरु राजेंद्र कुमार ने छात्र छात्राओं को विभिन्न प्रकार के योगा आसनों को अभ्यास करवाया। इस मोके पर इमरान खान, बोधराज और एमबीबीएस बेच 2025 के प्रशिक्षुओं ने भाग लिया।