नूरपुर। हिमाचल प्रदेश के पुलिस जिला नूरपुर के अंतर्गत 25 जुलाई 2026 को सोशल मीडिया (Twitter/X, Facebook, Instagram) पर दो महिलाओं के साथ मारपीट का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ।
इस वीडियो को लेकर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा इंटरनेट पर भ्रामक और असत्य दावे शेयर किए जा रहे थे, जिसमें घटना को साम्प्रदायिक रंग देने की कोशिश की गई।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए नूरपुर पुलिस ने आधिकारिक बयान जारी कर इन सभी अपुष्ट और भ्रामक दावों का पूर्णतः खंडन किया है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह विशुद्ध रूप से कानून-व्यवस्था से जुड़ा एक मामला है। यह घटना कथित तौर पर चेन स्नेचिंग (चोरी) और उसके बाद एकत्रित भीड़ द्वारा की गई मारपीट से संबंधित है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, पुलिस जिला नूरपुर ने जानकारी दी कि इस संदर्भ में पुलिस पहले ही दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच कर रही है।
मारपीट की घटना के संबंध में पुलिस थाना नूरपुर में अभियोग संख्या 188/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 126(2), 115(2) व 3(5) में मामला पंजीकृत किया जा चुका है।
वीडियो में दिख रही दोनों महिलाओं के खिलाफ पुलिस थाना नूरपुर में अभियोग संख्या 189/2026 के तहत धारा 304 व 3(5) BNS में चेन स्नेचिंग का मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा, इन महिलाओं पर पंजाब में भी ND&PS Act, चोरी और स्नेचिंग के विभिन्न धाराओं के तहत कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
नूरपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है, और घटना के मारपीट वाले पहलू की भी गंभीरता से गहन जांच की जा रही है।
पुलिस ने आमजन और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से अपील की है कि किसी भी घटना को साम्प्रदायिक रंग न दें और बिना तथ्यों की पुष्टि किए कोई भी अफवाह या भ्रामक सूचना शेयर न करें। झूठी व भड़काऊ खबरें फैलाकर सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने का प्रयास करने वाले असमाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।