धर्मशाला। कांगड़ा जिला के जवाली क्षेत्र के धेला गांव में 9वीं कक्षा की 12 वर्षीय छात्रा और उसकी मां की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वहीं, 14 वर्षीय बेटा लेखराज गंभीर रूप से घायल है। बता दें कि जवाली की पंचायत धेवा में रहने वाले एक परिवार के सदस्यों ने रात को खाना खाया और इसके बाद मां और उसकी नाबालिग बेटी एवं बेटा अपने घर में सो गए।
महिला का पति दूसरे कमरे में सोने के लिए चला गया। बताया जा रहा है कि इस बीच सुबह जब महिला का पति उठा तो महिला और बेटी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी थी, जबकि नबालिग बेटा भी गंभीर हालत में उल्टियां करता पाया गया। बेटे को उसके पिता ने ग्रामीणों की मदद से जवाली अस्पताल में दाखिल करवाया जहां वह उपचाराधीन है।
वहीं, मामले में जिला बाल कल्याण समिति, धर्मशाला ने संज्ञान लेते हुए पुलिस से मामले की स्टेटस रिपोर्ट तलब करते हुए उचित कानूनी कार्रवाई किए जाने के निर्देश जारी किए हैं। शुक्रवार को इस घटना का पता चलते ही जिला बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष विक्रमजीत शर्मा एवं सदस्यों विजय शर्मा और नरेष्ठा कुमारी ने मामले पर गौर करते हुए आवश्यक जानकारी जुटाई। समिति के अध्यक्ष विक्रमजीत शर्मा ने बताया कि उन्हें विभिन्न मीडिया माध्यमों से ये जानकारी मिली।
इस मामले में प्रभावित परिवार की नवीं कक्षा में पढ़ने वाली बेटी की मौत हो गई है, जबकि बेटा गंभीर है। नाबालिग बच्चों से जुड़ा मामला होने के चलते इस घटना पर जिला बाल कल्याण समिति ने संज्ञान लिया है और पुलिस थाना जवाली से इस मामले में की गई प्रारंभिक जांच की स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। साथ ही पुलिस को उचित कानूनी कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं।
मृतका शकुंतला देवी आशा वर्कर के तौर पर कार्यरत थीं, जबकि उनकी बेटी प्रिया स्थानीय स्कूल में नौवीं कक्षा की छात्रा थी।