धर्मशाला। सिविल बाजार धर्मशाला, जिला कांगड़ा निवासी मोहित कुमार उर्फ बुल्ली पुत्र गोपाल दास के खिलाफ निरुद्ध आदेश पारित किए गए हैं। आरोपी को तीन माह के लिए जिला जेल कांगड़ा स्थित धर्मशाला में नजरबंद किया गया है।
बता दें कि आरोपी मोहित कुमार उर्फ बुल्ली पुत्र गोपाल दास, निवासी सिविल बाजार धर्मशाला, डाकघर एवं तहसील धर्मशाला, जिला कांगड़ा के विरुद्ध पुलिस थाना धर्मशाला एवं शाहपुर, जिला कांगड़ा में एनडीएंडपीएस एक्ट 1985 के अंतर्गत मादक पदार्थों की तस्करी से संबंधित चार मामले दर्ज हैं।
इन मामलों में उसके कब्जे से चरस, हेरोइन/चिट्टा तथा ट्रामाडोल पाउडर बरामद की गई है। बार-बार गिरफ्तारी एवं जमानत पर रिहा होने के बावजूद आरोपी द्वारा मादक पदार्थों की अवैध तस्करी की गतिविधियां लगातार जारी रखने के तथ्य सामने आए हैं।
पुलिस एवं अन्य खुफिया रिपोर्टों से यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी क्षेत्र में नशीली दवाओं की आपूर्ति और वितरण में सक्रिय रूप से संलिप्त है, जिससे विशेषकर युवाओं के स्वास्थ्य एवं समाज की शांति व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उसकी गतिविधियों को रोकना सार्वजनिक हित एवं जन-सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक पाया गया।
जिस पर जिला कांगड़ा पुलिस द्वारा आरोपी मोहित कुमार उर्फ बुल्ली के खिलाफ स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अवैध व्यापार निवारण अधिनियम (PIT NDPS Act), 1988 के अंतर्गत निवारक हिरासत (Preventive Detention) के संबंध में 15 दिसंबर 2025 को प्रोपोजल तैयार करके उच्चाधिकारियों के माध्यम से सक्षम प्राधिकारी को भेजा गया था।
उपरोक्त तथ्यों के आधार पर, सक्षम प्राधिकारी द्वारा PIT NDPS Act, 1988 की धारा 3(1) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आरोपी मोहित कुमार उर्फ बुल्ली को तीन माह की अवधि के लिए जिला जेल कांगड़ा स्थित धर्मशाला में निरुद्ध किए जाने के आदेश पारित किए गए हैं।
24 जनवरी 2025 को पुलिस थाना धर्मशाला द्वारा कार्रवाई अमल में लाते हुए आरोपी मोहित कुमार उर्फ बुल्ली पुत्र गोपाल दास, निवासी सिविल बाजार धर्मशाला, डाकघर एवं तहसील धर्मशाला, जिला कांगड़ा को नियमानुसार गिरफ्तार करके जिला कारागार कांगड़ा स्थित धर्मशाला में निवारक हिरासत पर भेज दिया गया है।
जिला कांगड़ा पुलिस मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध शून्य सहनशीलता नीति के तहत कठोर कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में आगे भी सख्त कदम उठाए जाते रहेंगे।