मंडी। हिमाचल प्रदेश में स्वाइन फ्लू (H1N1) का संक्रमण तेजी से पांव पसार रहा है। मंडी जिले में संक्रमण के दो नए मामले सामने आने के बाद राज्य में कुल मरीजों की संख्या बढ़कर 8 हो गई है। इसी बीच, स्वाइन फ्लू की चपेट में आए सुंदरनगर क्षेत्र के 70 वर्षीय बुजुर्ग महेंद्र की उपचार के दौरान जान चली गई।
जानकारी के अनुसार, डडयाल गांव निवासी महेंद्र कैंसर से पीड़ित थे। वह 11 अगस्त को कीमोथेरेपी कराने चंडीगढ़ के एक निजी अस्पताल गए थे। कीमोथेरेपी के कारण उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) बेहद कमजोर हो गई थी, जिससे वे स्वाइन फ्लू के संक्रमण की चपेट में आ गए।
शुक्रवार को परिजनों ने उनके पैतृक गांव डडयाल में प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार कर दिया।
शनिवार को मरीज की मौत की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम तुरंत मृतक के घर पहुंची। टीम ने परिवार के सभी सदस्यों की थर्मल स्क्रीनिंग की और सुरक्षात्मक कदम उठाते हुए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए। इसके साथ ही पूरे इलाके में एहतियात बरतने को कहा गया है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, स्वाइन फ्लू के लक्षण आम मौसमी फ्लू जैसे ही होते हैं:
तेज बुखार, ठंड लगना और कंपकंपी
लगातार खांसी, बलगम और गले में खराश
शरीर और सिर में तेज दर्द तथा अत्यधिक थकान
छींक आना, छाती में भारीपन और सांस लेने में तकलीफ
स्वास्थ्य विभाग ने सलाह दी है कि लक्षण दिखने पर इसे साधारण वायरल मानकर अनदेखा न करें और तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें। 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों में संक्रमण का खतरा अधिक होता है, इसलिए उन्हें विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।