ऋषि महाजन/नूरपुर। अगर 15 दिन में ट्रैक्टरों के चालान बंद न हुए तो करीब 1000 ट्रैक्टरों के साथ चक्का जाम होगा। यह चेतावनी पूर्व मंत्री और भाजपा नेता राकेश पठानिया ने ट्रैक्टर चालकों के साथ मुलाकात के बाद दी है। उन्होंने दो टूक कहा कि अब आर पार की लड़ाई लड़ने का वक्त आ गया है।
क्योंकि बेलचा मारकर रोजी रोटी कमाने वाले ट्रैक्टर चालकों को प्रताड़ित किया जा रहा है। पुलिस द्वारा उन्हें मां बहन की गालियां दी जा रही हैं। पिछले सवा तीन साल में शायद ऐसा कोई ट्रैक्टर होगा, जिसका दो से अढ़ाई लाख का चालान न हुआ हो।
ट्रैक्टर चालकों से मिलने के बाद मीडिया से बातचीत में राकेश पठानिया ने कहा कि वर्तमान में ट्रैक्टर रखना सबसे बड़ा अपराध, पाप और घिनौना काम हो गया है। जो व्यक्ति बेलचा मारकर अपनी रोटी कमाता है और 6, 7 और 8 इंच माइनिंग करता है, वो तो चोर और डकैत हो गया। पुलिस उन्हें मां बहन की गाली निकालती है। टायर पंक्चर करती है और ऐसे ढूंढती है ट्रैक्टर वालों को जैसे अंग्रेज ढूंढ़ते थे हिंदुस्तान के वीर सैनिकों को।
अब हालात ऐसे बन गए हैं कि पिछले सवा तीन साल में शायद कोई ट्रैक्टर वाला हो जिसका 2 से अढ़ाई लाख का चालान न हुआ हो। उससे बड़ी बात की कंपाउंड नहीं होता केस, बल्कि कोर्ट भेजा जाता है। कोर्ट से रिलीज करवाने में एक माह का वक्त लगता है। अगर सरकार रोजगार नहीं दे सकती है तो बेलचा मारकर रोटी कमाने वालों के पेट में लात क्यों मारी जा रही है।
उन्होंने पुलिस जिला नूरपुर के एसपी कुलभूषण वर्मा से बात की है और उन्हें 15 दिन का वक्त दिया है कि चालान करना बंद हों। अगर ऐसा नहीं हुआ तो 1 हजार ट्रैक्टर लेकर चक्का जाम करेंगे। आज ट्रैक्टर लेकर घर से निकलना मतलब कफन ओढ़ कर निकलना है।
मैंने ऐसे भी चालान देखें हैं कि घर में मां की मृत्यु हुई है और बेटा सामान लेकर आ रहा तो उसका भी 15 हजार रुपए का चालान कर दिया। अब आर पार की लड़ाई का वक्त आ गया है। सब साथ मिलकर संघर्ष करेंगे। फतेहपुर, नूरपुर, जवाली और इंदौरा क्षेत्र के ट्रैक्टर चालकों की संघर्ष समिति बनाई है। संघर्ष समिति को लेकर आगामी रणनीति तैयार की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जो पोकलेन आदि मशीनें लगाकर माइनिंग कर रहे हैं, उनके कितने चालान हुए। पुलिस स्टेशन में जाकर देखो कि कोई पोकलेन, जेसीबी या टिप्पर खड़ा है। हालांकि 100 ट्रैक्टर जरूर खड़े होंगे। पठानिया ने कहा कि मिलकर इस लड़ाई को लड़ा जाएगा।