ऋषि महाजन/नूरपुर। जिला कांगड़ा के राजकीय मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल फतेहपुर के 12वीं कक्षा के छात्र लक्ष्मण ने कबाड़ और पुराने वाहन पार्ट्स से पेट्रोल चालित ट्रैक्टर का कार्यशील मॉडल तैयार किया। फतेहपुर स्कूल में आईटीईएस और ऑटोमोबाइल विषय के तहत व्यावसायिक शिक्षा दी जा रही है।
इसी व्यावसायिक शिक्षा का परिणाम है कि ऑटोमोबाइल विषय के विद्यार्थी लक्ष्मण ने बेकार पड़े इंजन पार्ट्स, जंग लगी धातु और अनुपयोगी ऑटो कंपोनेंट्स को एक-एक कर इकट्ठा किया। इसके बाद कई दिनों की कड़ी मेहनत, तकनीकी समझ और संतुलन के गहन अध्ययन के बाद यह पेट्रोल चालित ट्रैक्टर मॉडल तैयार किया। यह मॉडल सिर्फ देखने में ट्रैक्टर जैसा नहीं है, बल्कि पूरी तरह चलने योग्य है। जब स्कूल परिसर में इसे पहली बार स्टार्ट किया गया, तो छात्र और शिक्षक उसकी कार्यक्षमता देखकर हैरान रह गए।
बता दें कि लक्ष्मण के घर होरी देवी साइड हैं और स्कूल से चार-पांच किलोमीटर दूर हैं। लक्ष्मण सुबह घर से ट्रैक्टर को चलाकर स्कूल लाया। छात्र लक्ष्मण ने बताया कि मुझे मशीनों के साथ काम करना अच्छा लगता है। कबाड़ में पड़े पार्ट्स को देखकर सोचा कि क्यों न कुछ नया बनाया जाए।
शिक्षकों ने मेरा पूरा मार्गदर्शन किया। जब मॉडल पहली बार चला तो लगा कि मेहनत सफल हो गई। आगे और बेहतर करने की कोशिश करूंगा। उन्होंने कहा कि अभी काफी काम बाकी है। बॉडी और पेट्रोल टंकी का काम होना है। लक्ष्मण ने कबाड़ का सामान जसूर, रैहन और पठानकोट आदि से लिया है। टायर पठानकोट और जसूर में लिए। इस मॉडल को बनाने के लिए पैसों की मदद घर वालों ने की।
ऑटोमोबाइल शिक्षक रविंद्र सिंह का कहना है कि व्यावसायिक शिक्षा ने विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और नवाचार की सोच को नई मजबूती दी है। अब छात्र केवल किताबों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से वास्तविक तकनीकी अनुभव प्राप्त कर रहे हैं।
ऑटोमोबाइल शिक्षक युद्धबीर सिंह का कहना है कि लक्ष्मण ने इस मॉडल को बनाते समय हर तकनीकी पहलू को गंभीरता से समझा। इंजन फिटिंग, संतुलन और संरचना—हर चरण में उसने बेहद बारीकी से काम किया है। यह अन्य विद्यार्थियों के लिए बड़ी प्रेरणा है।
शिक्षक प्रमोद सिंह ने कहा कि हम बच्चों को प्रयोग करने की खुली छूट देते हैं। यह मॉडल इस बात का प्रमाण है कि सरकारी स्कूलों में भी प्रतिभा और तकनीकी क्षमता की कोई कमी नहीं है।