धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने अक्टूबर-नवंबर 2026 में होने वाली D.El.Ed. (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन) परीक्षाओं की तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रदेशभर के 26 सरकारी और निजी संस्थानों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है।
बोर्ड ने परीक्षाओं को लेकर अपना सख्त रुख साफ कर दिया है। शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी परीक्षा केंद्र पर सामूहिक नकल या नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया, तो उस केंद्र की मान्यता बिना किसी पूर्व सूचना के तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी जाएगी।
परीक्षाओं को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए सीसीटीवी को लेकर कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। सभी परीक्षा केंद्रों को कैमरों की रिकॉर्डिंग कम से कम छह महीने तक सुरक्षित रखनी होगी। परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की शिकायत या अनियमितता की भनक लगने पर बोर्ड तुरंत संबंधित केंद्र से सीसीटीवी फुटेज तलब कर सकता है। यदि कोई केंद्र रिकॉर्डिंग उपलब्ध करवाने में विफल रहता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बोर्ड अध्यक्ष डॉ. शर्मा ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा का पारदर्शी संचालन बोर्ड की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि निरीक्षण के दौरान अनुचित साधनों (UMC) के प्रयोग, सामूहिक नकल या परीक्षा स्टाफ द्वारा परीक्षार्थियों की मदद करने का कोई भी मामला सामने आता है, तो केवल छात्रों पर ही नहीं, बल्कि संबंधित केंद्र और वहां तैनात स्टाफ पर भी गाज गिरेगी। केंद्राध्यक्षों और परीक्षा प्रभारियों को बोर्ड के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
अधिसूचना में एक अहम नियम यह भी जोड़ा गया है कि किसी संस्थान का इस बार परीक्षा केंद्र बनना आगामी परीक्षाओं के लिए गारंटी नहीं होगा। अगली बार केंद्र बनाया जाएगा या नहीं, यह पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करेगा कि मौजूदा परीक्षा कितनी गुणवत्ता और अनुशासन के साथ संपन्न कराई गई। बोर्ड की औपचारिकताओं और नियमों पर खरा उतरने वाले केंद्रों को ही भविष्य में यह जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
डॉ. शर्मा ने परीक्षार्थियों से भी अपील की है कि वे परीक्षा की गरिमा बनाए रखें और किसी भी तरह के अनुचित साधनों का प्रयोग न करें। 26 केंद्रों की पूरी सूची और विस्तृत अधिसूचना बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है।