रेखा चंदेल/झंडूता। बिलासपुर जिला के घुमारवीं शहर में फुटपाथ पर अवैध पार्किंग ने लोगों के लिए मुश्किल खड़ी कर दी है। कुछ वाहन चालक पार्किंग या सुरक्षित स्थान पर गाड़ियां खड़ी न करके फुटपाथ पर गाड़ी खड़ी कर चले जाते हैं। इससे पैदल चलने वालों के लिए परेशानी होती है।
बता दें कि घुमारवीं शहर में आमजन की सुरक्षित आवाजाही के लिए सड़क के किनारे फुटपाथों का निर्माण किया गया था, लेकिन वर्तमान में हालात इसके बिल्कुल उलट हैं। शहर के अधिकांश फुटपाथों पर वाहनों की अवैध पार्किंग ने पैदल यात्रियों के लिए चलना तक मुश्किल कर दिया है। मजबूरी में लोगों को व्यस्त सड़कों पर चलना पड़ रहा है, जिससे हर समय हादसे का खतरा बना रहता है।
वाहन चालक सुरक्षित स्थान या पार्किंग में वाहन खड़ा करने की बजाय फुटपाथों पर ही गाड़ियां खड़ी कर सामान लेने चले जाते हैं और घंटों तक वापस नहीं आते। इसका खामियाजा स्कूली छात्रों, महिलाओं और बुजुर्गों को भुगतना पड़ रहा है। पैदल चलना अब एक जोखिम भरा काम बन चुका है।
शहर के टैक्सी स्टैंड के समीप तथा गांधी चौक से सिविल अस्पताल की ओर जाने वाले मुख्य फुटपाथ की स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक बनी हुई है। यहां पूरे दिन फुटपाथ पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती हैं। ऐसे में राहगीरों को सड़क पर चलने के लिए मजबूर होना पड़ता है। बीते दिनों इन स्थानों पर कई दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं, जिनमें कई लोग घायल हुए हैं।
हैरानी की बात यह है कि लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद न तो प्रशासन गंभीर नजर आ रहा है और न ही वाहन चालक जिम्मेदारी का परिचय दे रहे हैं। राहगीरों का कहना है कि जब फुटपाथ पर चलने का अधिकार ही नहीं मिल रहा, तो उनके निर्माण का औचित्य ही क्या रह जाता है। लोगों का तंज है कि यदि फुटपाथों का उपयोग वाहन पार्किंग के लिए ही करना था, तो उन्हें आधिकारिक पार्किंग स्थल ही घोषित कर देना चाहिए था।
शहरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि फुटपाथों को अवैध कब्जे से मुक्त किया जाए, नियमित निगरानी की व्यवस्था हो और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आमजन को सुरक्षित और सुगम आवागमन का अधिकार मिल सके।
वहीं, घुमारवीं नगर परिषद कार्यकारी अधिकारी खेमचंद वर्मा ने कहा कि पुलिस विभाग से अनुरोध करेंगे कि फुटपाथ से वाहनों को हटाया जाए, ताकि लोगों को असुविधा न हो।