शिमला। हिमाचल प्रदेश में मॉनसून की मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग द्वारा जारी येलो अलर्ट के बीच रविवार को प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश हुई। लगातार बारिश और भूस्खलन की वजह से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
जहां मंडी जिले में मूसलाधार बारिश से नेशनल हाईवे नाले में तब्दील हो गया, वहीं कुल्लू में जमीन धंसने से मकान गिर गए। मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश में 8 अगस्त तक तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ भारी बारिश का पूर्वानुमान जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है।
मंडी जिले के चौंतड़ा क्षेत्र में रविवार दोपहर हुई एक घंटे की भीषण बारिश ने भारी तबाही मचाई।
नेशनल हाईवे अवरुद्ध: ऐहजू, मोहनघाटी, सुकाबाग, चौंतड़ा और घट्टा के बीच कई स्थानों पर नेशनल हाईवे नाले में तब्दील हो गया, जिससे वाहनों की आवाजाही ठप पड़ गई।
व्यावसायिक संपत्तियों को नुकसान: ऐहजू में हाईवे किनारे स्थित कई होटलों और रेस्तरां में पानी घुस गया, जिससे स्थानीय व्यापारियों का काफी नुकसान हुआ।
सिरमौर जिले में शनिवार रात और रविवार सुबह हुई बारिश से नदियां उफान पर हैं।
बैराज के गेट खोले गए: गिरी नदी में जलस्तर खतरनाक स्तर तक बढ़ने के कारण जटौन बैराज का गेट नंबर चार खोलकर पानी डिस्चार्ज करना पड़ा।
यातायात प्रभावित: बारिश और भूस्खलन से जिले में तीन प्रमुख सड़कें पूरी तरह बंद हैं।
एनएच 907ए बाधित: नाहन-कुमारहट्टी नेशनल हाईवे (NH 907A) पर जगह-जगह पहाड़ियों से पत्थर गिरने के कारण यातायात गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है।
कुल्लू जिले में बीते दिनों से हो रही बारिश के कारण जमीन धंसने (Land subsidence) का सिलसिला जारी है।
मकान क्षतिग्रस्त: गाड़ापारली और देहुरीधार पंचायत में जमीन धंसने से दो मकान पूरी तरह गिर गए। इसके अलावा, सैंज घाटी की देहुरीधार पंचायत के करैहला गांव में शनिवार शाम जमीन धंसने से एक और मकान को भारी नुकसान पहुंचा है।
उड़ानें रद्द: कांगड़ा जिले में बारिश और खराब दृश्यता (Low Visibility) के कारण दिल्ली से धर्मशाला (गग्गल) आने वाली स्पाइसजेट की फ्लाइट रद्द करनी पड़ी।
पेड़ गिरा: घट्टा के पास हाईवे पर एक विशाल पेड़ गिरने से कुछ समय के लिए वाहनों का आवागमन ठप रहा।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने प्रदेश भर में अगले कुछ दिनों तक मौसम खराब रहने की चेतावनी दी है:
येलो अलर्ट जारी: 3 अगस्त को बिलासपुर, कांगड़ा, चंबा और सिरमौर जिलों में भारी वर्षा का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
तेज हवाओं की चेतावनी: 2 से 8 अगस्त के दौरान राज्य के कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
अन्य जिलों का हाल: शिमला में रविवार को हल्की बूंदाबांदी हुई, वहीं हमीरपुर में सुबह बारिश के बाद धूप खिली और शाम को पुनः हल्की बौछारें पड़ीं। चंबा जिला मुख्यालय में दिनभर तेज धूप और उमस ने लोगों को बेहाल किया।
प्रशासन की अपील: आपदा प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन ने नदी-नालों के पास रहने वाले लोगों और पर्यटकों को संवेदनशील तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में न जाने की सख्त सलाह दी है।