कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश की राजनीति में एक लंबे समय तक अपनी मुखर शैली और बेबाक बयानों के लिए पहचाने जाने वाले पूर्व मंत्री और दिग्गज नेता मेजर विजय सिंह मनकोटिया का निधन हो गया है।
उन्होंने 87 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली। उनके निधन से कांगड़ा घाटी सहित पूरे हिमाचल प्रदेश के राजनीतिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई है।
राजनीति में आने से पहले मेजर विजय सिंह मनकोटिया ने भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दी थीं और एक सैन्य अधिकारी के रूप में देश के प्रति अपनी निष्ठा का परिचय दिया था।
सेना की नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने जन सेवा का मार्ग चुना और हिमाचल प्रदेश की सक्रिय राजनीति में कदम रखा। अपनी अनुशासित कार्यशैली और जनता के मुद्दों पर खुलकर बोलने की आदत के कारण वह जल्द ही प्रदेश के एक कद्दावर नेता के रूप में उभरे।
मेजर मनकोटिया ने कांगड़ा जिले के शाहपुर विधानसभा क्षेत्र का कई बार प्रतिनिधित्व किया। वह अपने राजनीतिक जीवन में 5 बार विधायक चुने गए। अपने लंबे राजनीतिक सफर के दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं और विकास कार्यों में अपनी अहम भूमिका निभाई।
मेजर विजय सिंह मनकोटिया को हिमाचल की राजनीति में एक ऐसे नेता के रूप में जाना जाता था जो जनहित से जुड़े मुद्दों या प्रशासनिक सुधारों पर अपनी ही पार्टी या सरकार के सामने भी बेबाकी से अपनी बात रखने से पीछे नहीं हटते थे।
उनके तीखे और तथ्यात्मक तेवर अक्सर प्रदेश की सुर्खियों में रहते थे। क्षेत्रीय मुद्दों और जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ने में उनका नाम हमेशा अग्रणी रहा।
उनके निधन की खबर मिलते ही राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों और उनके समर्थकों में शोक फैल गया है। विभिन्न राजनीतिक दिग्गजों ने उनके निधन को हिमाचल की राजनीति के एक युग का अंत बताया है और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।