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हिमाचल : डॉक्टरों की हड़ताल जारी, सरकार ने जारी की SOP, छुट्टियों पर रोक

ewn24 news choice of himachal 28 Dec,2025 3:56 pm


    एकतरफा कार्रवाई को लेकर सरकार के प्रति रोष


    शिमला। IGMC में मारपीट मामले के बाद सीनियर रेजिडेंट डॉ राघव नरुला को बर्खास्त करने के विरोध में हिमाचल प्रदेश में डॉक्टरों की हड़ताल रविवार को भी जारी रही जिसके चलते आज भी मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

    वहीं, स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हर स्वास्थ्य संस्थान रोजाना रिपोर्ट बनाएगा कि किस संस्थान में कितने डॉक्टर कहां पर काम कर रहे हैं और कौन काम नहीं कर रहे। 


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    रविवार को आईजीएमसी के अटल सभागार के बैडमिंटन हॉल में मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्र और चिकित्सक इकट्ठे हो गए जहां उन्होंने एकतरफा कार्रवाई करने को लेकर प्रदेश सरकार से न्याय की मांग की। 

    मेडिकल कॉलेजों में रेजिडेंट डॉक्टरों के साथ हिमाचल मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन (एमओएच) भी हड़ताल पर है, जबकि सेमडिकोट समर्थन कर रही है। 


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    इसके चलते प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों, जोनल अस्पतालों और सीएचसी एवं पीएचसी में भी स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुईं। कई जगह ओपीडी में मरीजों की जांच नहीं हो सकी, कई ऑपरेशन नहीं हुए। अस्पतालों में मरीज परेशान रहे। दूरदराज से आए मरीजों-तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

    हालांकि वरिष्ठ डॉक्टरों ने ओपीडी में सेवाएं दीं, लेकिन मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ा। इसी बीच, सरकार ने अस्पतालों में आपात सेवाओं को सुचारु बनाने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। सभी मेडिकल कॉलेजों के प्रिंसिपल, अतिरिक्त निदेशक, एमएस की छुट्टियों पर रोक लगा दी है।


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    चिकित्सा शिक्षा व अनुसंधान निदेशालय (डीएमईआर) की ओर से जारी एसओपी के तहत जारी निर्देशों में इमरजेंसी सेवाएं पूरी तरह चालू रहेंगी। जूनियर एवं सीनियर रेजीडेंट और फैकल्टी 24 घंटे उपलब्ध रहेंगे। ओपीडी और वार्ड सेवाओं के लिए कंसल्टेंट डॉक्टर ओपीडी में अनिवार्य रूप से बैठेंगे। भर्ती मरीजों को पहली प्राथमिकता देनी होगी। रोजाना वार्ड राउंड अनिवार्य किया गया है। ऑपरेशन थिएटर में रूटीन ऑपरेशन बंद रहेंगे, सिर्फ आपातकालीन ऑपरेशन किए जाएंगे।

    रेडियोलॉजी सेवाएं जैसे एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन, एमआरआई आदि जांच इमरजेंसी और भर्ती मरीजों के लिए प्राथमिकता पर होंगी। लैब सेवाएं जैसे पैथोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री और माइक्रोबायोलॉजी लैब बिना किसी रुकावट के काम करती रहेंगी। शैक्षणिक गतिविधियां किसी भी हाल में प्रभावित नहीं होनी चाहिए। एमबीबीएस छात्रों की पढ़ाई, ट्रेनिंग और परीक्षाएं जारी रहेंगी। 


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    सभी विभागाध्यक्षों को ओपीडी, आईपीडी और आपात सेवाओं के लिए कंसल्टेंट की ड्यूटी रोस्टर बनाने के निर्देश दिए गए हैं। मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्य, अतिरिक्त निदेशक और मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को इस अवधि में अवकाश न लेने और कॉलेजों में उपलब्ध रहने के आदेश दिए हैं। प्राचार्य प्रतिदिन शाम चार बजे सभी विभागाध्यक्षों के साथ समीक्षा कर रिपोर्ट डीएमईआर को भेजेंगे।

    निर्देशों की अवहेलना या आवश्यक सेवाओं में बाधा डालने पर नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. गोपाल बेरी ने कहा कि आपात सेवाएं प्रभावित नहीं होंगी। सभी अस्पतालों में हड़ताल की स्थिति और मरीजों  के प्रभावित होने पर रिपोर्ट मांगी गई है।

    स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल ने कहा कि डॉक्टरों को हड़ताल पर नहीं जाना चाहिए। हो सकता है कि डॉक्टर दबाव बनाने के लिए ऐसा कर रहे हों। वह किसी की सेवाओं या कॅरिअर के खिलाफ नहीं हैं। उन्हें लोगों की स्वास्थ्य सुविधा देखनी है। स्वास्थ्य मंत्री ने निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं से फीडबैक लिया। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी सेवाओं में कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

    हर स्वास्थ्य संस्थान रोजाना रिपोर्ट बनाएगा कि किस संस्थान में कितने डॉक्टर कहां पर काम कर रहे हैं और कौन काम नहीं कर रहे हैं। आपात सेवाओं में कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। सीएम के दिल्ली से लौटने पर वह खुद डॉक्टरों की मुख्यमंत्री से बात करवाएंगे। उनका निजी तौर पर मानना है कि अगर चुपचाप से आकर माफी मांगने की बात करते तो मामला सुलझ सकता था।



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