ऋषि महाजन/नूरपुर। कांगड़ा जिला के नूरपुर विधानसभा क्षेत्र में विधायक निधि के इस्तेमाल को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व प्रशासनिक अधिकारी अकिल बख्शी ने नूरपुर विधायक पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा है कि विधायक निधि का न तो पूरा उपयोग किया गया और जो राशि खर्च हुई, वह भी सिर्फ चुनिंदा भाजपा मंडलों और अपने करीबी चेहरों तक ही सीमित रही।
अकिल बख्शी ने नूरपुर विधायक को खुली चुनौती देते हुए कहा कि वे फेसबुक पोस्ट और बयानबाजी छोड़कर किसी भी सार्वजनिक मंच पर आमने-सामने बहस के लिए आएं। उन्होंने कहा, “स्थान, समय और तिथि विधायक खुद तय कर लें, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
बख्शी के अनुसार 31 जुलाई 2025 तक विधायक को कुल 6 करोड़ रुपये विधायक निधि के तहत जारी किए गए, लेकिन इनमें से केवल 3 करोड़ 86 लाख रुपये ही खर्च किए गए, जबकि करीब 2 करोड़ 14 लाख रुपये बिना उपयोग के पड़े रहे।
उन्होंने आरोप लगाया कि खर्च की गई राशि में से भी करीब 60 प्रतिशत पैसा भाजपा के किसान मोर्चा, महिला मोर्चा, ओबीसी मोर्चा, एससी–एसटी मोर्चा, युवा मोर्चा व अन्य मोर्चों से जुड़े चेहरों के इलाकों में लगाया गया।
अकिल बख्शी ने कहा कि विधायक निधि का बड़ा हिस्सा भड़वार, सदवां और जसूर भाजपा मंडलों में ही खर्च किया गया। यह राशि भी कथित तौर पर अपने चहेतों की गलियों, सड़कों और डंगों के निर्माण में झोंक दी गई, जबकि विधानसभा क्षेत्र के कई गांव और मोहल्ले पूरी तरह नजरअंदाज रहे।
उन्होंने नूरपुर नगर परिषद के 9 वार्डों का हवाला देते हुए कहा कि वार्ड नंबर 2 और 9 पर ही विधायक निधि की विशेष कृपा रही। इसके उलट वार्ड नंबर 4, 5 और 6 सहित कई वार्डों में एक रुपया तक नहीं पहुंचा। बख्शी के मुताबिक यह आंकड़े खुद विधायक की कार्यप्रणाली की पोल खोलते हैं।
पूर्व अधिकारी ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने तथ्यों के साथ सवाल उठाए, तो विधायक ने जवाब देने के बजाय अपने लाडलों के जरिए घटिया बयानबाजी करवाई, जो उनकी हताशा और असहजता को साफ दर्शाती है।
अकिल बख्शी ने दो टूक कहा कि नूरपुर क्षेत्र के हितों की लड़ाई वह हर हाल में लड़ते रहेंगे, और विधायक निधि के कथित दुरुपयोग का मुद्दा जन–जन तक पहुंचाया जाएगा। इस संदर्भ में विधायक रणबीर सिंह निक्का से बात की गई तो उन्होंने कोई भी प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया।