Breaking News

  • कांगड़ा के बालकरूपी में सनसनी : सैर पर निकले एक्स-सर्विसमैन को बीच रास्ते में मारी गोली
  • जानिए क्यों खास है शिमला के जाखू का दशहरा : संजीवनी की तलाश करते समय रुके थे बजरंगबली
  • शगुन की खुशियां मातम में बदलीं : अनियंत्रित होकर नदी में गिरी कार-तीन की जान गई-4 अस्पताल में भर्ती
  • संजौली से रामपुर और रिकांगपिओ के लिए 21 अक्तूबर से हेलीकॉप्टर सेवा शुरू, जानें पूरा शेड्यूल और समय
  • मंडी : तंग बाजारों और दुकानों में पटाखों की बिक्री पर रोक, सिर्फ 'छोटा पड्डल मैदान' में ही बिकेंगे पटाखे
  • सुजानपुर के स्टोन क्रशर में नौकरी का मौका : ड्राइवर और जेसीबी ऑपरेटर के भरे जाएंगे पद, 21 को होंगे इंटरव्यू
  • RNT पब्लिक हाई स्कूल रैंखा में धूमधाम से मनाई दुर्गा अष्टमी, भक्तिमय गीतों और जयकारों से गूंजा प्रांगण
  • HPRCA : फाइन आर्ट्स शिक्षक भर्ती का फाइनल रिजल्ट घोषित, 82 उम्मीदवार चयनित
  • मुंबई के जुहू में अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर अंधाधुंध फायरिंग : बाल-बाल बचे, ड्राइवर व एक व्यक्ति घायल
  • HPPWD शिमला में ड्राइवर के पदों पर भर्ती : जानें योग्यता, चयन प्रक्रिया और आवेदन की पूरी जानकारी

जानें क्यों खास है इस बार का सावन, तिथि को लेकर है संशय तो पढ़ें खबर

ewn24 news choice of himachal 21 Jul,2024 7:00 pm


    हिंदू धर्म में सावन का विशेष महत्व है। श्रावण मास को भोलेनाथ का पसंदीदा और साल का सबसे पवित्र महीना माना जाता है। सावन में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा बहुत श्रद्धा और भक्ति भाव से की जाती है। 

    सोमवार के दिन भगवान शंकर की आराधना का विशेष महत्व होता है। यही कारण है कि श्रावण मास में सोमवार के दिन का बहुत महत्व होता है। इस साल की खास बात ये है कि श्रावण मास की शुरुआत सोमवार के दिन हो रही है।


    हिमाचल : रेलवे गेटमैन के लिए 550 पदों पर भर्ती, भूतपूर्व सैनिक करें आवेदन   



    श्रावण मास की शुरुआत को लेकर बहुत से लोगों के मन से भ्रम है कि सावन की शुरुआत 21 जुलाई को हो रही है या 22 जुलाई को। बता दें कि इस साल श्रावण मास की शुरुआत 22 जुलाई 2024 को हो रही है। 21 जुलाई को आषाढ़ मास की पूर्णिमा है। 21 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के तौर पर मनाया जाएगा। 

    दरअसल, हिंदू कैलेंडर के मुताबिक श्रावण के प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 21 जुलाई को दोपहर 3 बजकर 47 मिनट पर होगी, वहीं इसका समापन 22 जुलाई को दोपहर 1 बजकर 11 मिनट पर होगी। 


    Job Alert : अप्रेंटिस व एसोसिएट्स के 100 पदों पर भर्ती, यहां होंगे इंटरव्यू   



    यही कारण है कि लोगों के मन में श्रावण की तारीख को लेकर भ्रम बना हुआ है। ऐसे में ज्योतिषाचार्यों की मानें तो 22 जुलाई को ही श्रावण मास की शुरुआत माना जाएगा। अगर पूजा मुहूर्त की बात की जाए तो 22 जुलाई के दिन प्रातःकाल से दोपहर 1 बजकर 11 मिनट तक पूजा कर सकते हैं।

    इस पावन मास में भक्त माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा करते हैं। श्रावण मास में श्रद्धालु सोमवार के दिन व्रत रखते हैं और भगवान शिव की शुद्ध मन से पूजा करते हैं। 


    कांगड़ा : दौलतपुर से तरसूह को जोड़ने वाली दोनों सुरंगों के छोर खुले, जल्द होंगी बहाल  


    अविवाहित बालिकाएं श्रावण के हर मंगलवार को मंगला गौरी का व्रत रखती हैं। कुछ महिलाएं मनचाहा जीवनसाथी पाने के लिए सोमवार व्रत करती हैं और भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करती हैं।

    सावन महीने के दौरान कांवड़ यात्रा भी बहुत प्रसिद्ध है, जिसमें भक्त पवित्र गंगा के पास अलग अलग धार्मिक स्थानों पर भी जाते हैं और वहां से गंगाजल लाकर शिवरात्रि के दिन भगवान शिव को चढ़ाते हैं। मान्यता है कि इस महीने में किए गए दान और पुण्य का फल कई गुना बढ़ जाता है।

    हिमाचल कैबिनेट बैठक की आगामी तिथि तय, इस दिन होगी 


Himachal Latest

Live video

Jobs/Career

Trending News

  • Crime

  • Accident

  • Politics

  • Education

  • Exam

  • Weather