ज्वालामुखी। लॉरेट इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी, ज्वालामुखी में विश्व फार्मासिस्ट दिवस एवं राष्ट्रीय फार्मेसी सप्ताह–2026 के अंतर्गत एक भव्य और विशाल जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस वर्ष के कार्यक्रमों का मुख्य केंद्रबिंदू 'एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस' (AMR), दवाओं के सुरक्षित एवं तर्कसंगत उपयोग तथा जन-स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देना रहा, जिसका मुख्य संदेश "दवा का सही इस्तेमाल करें—AMR को बेअसर करें" जन-जन तक पहुँचाना था।
कार्यक्रम की शुरुआत एक भव्य जागरूकता रैली के साथ हुई, जिसके मुख्य अतिथि माननीय उपायुक्त, कांगड़ा हेमराज बैरवा रहे। लॉरेट इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी के निदेशक एवं प्राचार्य प्रो. डॉ. एम. एस. आशावत ने मुख्य अतिथि का गर्मजोशी से स्वागत एवं अभिनंदन किया। इसके पश्चात, उपायुक्त डॉ. हेमराज बैरवा एवं एसडीएम ज्वालामुखी डॉ. संजीव शर्मा ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया।
इस विशाल रैली में संस्थान के 400 से अधिक छात्र-छात्राओं ने अत्यंत उत्साह के साथ भाग लिया। विद्यार्थियों ने हाथों में स्वास्थ्य और दवा के उचित उपयोग से जुड़े जागरूकता संदेशों वाली तख्तियां थाम रखी थीं, जिनके माध्यम से उन्होंने आमजन को एंटीमाइक्रोबियल दवाओं के जिम्मेदार उपयोग, एंटीबायोटिक्स के अनावश्यक सेवन से बचने और समाज में एक फार्मासिस्ट की महत्वपूर्ण भूमिका के प्रति जागरूक किया।
इस पूरी रैली का बेहतरीन समन्वय प्रो. शिव कुशवाह द्वारा किया गया, जिन्होंने इसे अत्यंत सुव्यवस्थित रूप से संचालित किया। रैली के दौरान एसडीएम ऑफिस ग्राउंड में विद्यार्थियों की एक प्रतिभाशाली टीम द्वारा एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक का मंचन भी किया गया। इस नाटक के जरिए विद्यार्थियों ने समाज को AMR और एंटीबायोटिक दवाओं के अनुचित व मनमाने उपयोग से होने वाले गंभीर दुष्प्रभावों के बारे में बेहद सरल और रचनात्मक ढंग से समझाया। विद्यार्थियों की इस मार्मिक प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों और आमजन का विशेष रूप से ध्यान आकर्षित किया।
रैली और नुक्कड़ नाटक के अलावा, कार्यक्रम के अंतर्गत एक विशेष पैनल डिस्कशन (पैनल चर्चा) का भी आयोजन किया गया, जिसमें ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) ज्वालामुखी, डॉ. पवन कुमार शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस पैनल चर्चा के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की वर्तमान स्थिति, दवाओं के सुरक्षित और तर्कसंगत उपयोग, एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) की चुनौती तथा आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था में फार्मासिस्टों की बढ़ती और अहम भूमिका जैसे गंभीर विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। पैनल डिस्कशन के समापन पर डॉ. सी.पी.एस. वर्मा ने मंच से सभी आगत अतिथियों, विषय विशेषज्ञों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और आयोजन समिति के सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने में उनके योगदान की सराहना की।
संस्थान के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. रण सिंह ने नेशनल फार्मेसी वीक के इस शानदार आयोजन की सफलता पर अपनी हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित कीं। उन्होंने विद्यार्थियों को विश्व फार्मासिस्ट दिवस की बधाई देते हुए कहा कि फार्मासिस्ट स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था का एक अत्यंत मजबूत स्तंभ हैं, जिनकी भूमिका केवल दवाइयों के वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि सुरक्षित दवा उपयोग, रोगी को उचित परामर्श देना और जन-जागरूकता फैलाना उनके कार्यक्षेत्र का अहम हिस्सा है।
उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे अपने पेशेवर ज्ञान और कौशल का इस्तेमाल समाज के स्वास्थ्य और कल्याण के लिए करें तथा AMR के विरुद्ध चलाई जा रही इस जागरूकता मुहिम को अपने परिवार, मित्रों और पूरे समुदाय तक लेकर जाएं।
कार्यक्रम की सफलता के पीछे संस्थान की पूरी फैकल्टी का समर्पण साफ नजर आया। समन्वयक प्रो. डॉ. शिव कुशवाह ने अपने सहकर्मियों प्रो. डॉ. प्रवीण कुमार और प्रो. डॉ. अमरदीप के साथ मिलकर इस विशाल आयोजन को धरातल पर उतारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके साथ ही, संस्थान के अन्य सभी प्रोफेसर्स और संकाय सदस्यों ने विद्यार्थियों को निरंतर प्रोत्साहित किया और उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर पूरे कार्यक्रम को एक यादगार सफलता में बदला।
कुल मिलाकर, 400 से अधिक विद्यार्थियों की भारी सहभागिता, ज्ञानवर्धक पैनल चर्चा, नुक्कड़ नाटक और भव्य रैली के माध्यम से लॉरेट इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि वे अकादमिक शिक्षा के साथ-साथ समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में भी सबसे आगे हैं। इस आयोजन ने क्षेत्र के लोगों के बीच स्वास्थ्य जागरूकता, जिम्मेदार दवा उपयोग और सामाजिक चेतना की एक नई अलख जगाई है।