ऋषि महाजन/नूरपुर। कांगड़ा जिला के नूरपुर के फ्री थिंकर्स क्लब ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को ज्ञापन भेजकर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (बाल), नूरपुर की स्वतंत्र पहचान और दर्जा तत्काल बहाल करने की मांग उठाई है।
क्लब के अध्यक्ष डॉ. विपन महाजन ने कहा कि हाल ही में स्कूल के विलय संबंधी प्रशासनिक निर्णय से क्षेत्र के लोगों, पूर्व विद्यार्थियों और अभिभावकों में गहरा रोष है। उन्होंने कहा कि यह विद्यालय केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि नूरपुर की ऐतिहासिक और शैक्षणिक विरासत का प्रतीक है।
ज्ञापन में बताया गया कि वर्ष 1869 में स्थापित यह विद्यालय 156 वर्षों से शिक्षा की अलख जगा रहा है और क्षेत्र के सबसे पुराने शिक्षण संस्थानों में शामिल है। इसी विद्यालय ने देश के तीसरे मुख्य न्यायाधीश तथा जम्मू-कश्मीर के पूर्व प्रधानमंत्री रहे जस्टिस मेहर चंद महाजन सहित अनेक सैन्य अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों, चिकित्सकों, इंजीनियरों और जनप्रतिनिधियों को तैयार किया है।
क्लब का कहना है कि यह विद्यालय वर्षों से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराता रहा है। विद्यालय की स्वतंत्र पहचान समाप्त होने से विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों की शिक्षा और नामांकन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि विद्यालय की 156 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक इमारत और उसकी गौरवशाली परंपरा से स्थानीय लोगों की भावनाएं जुड़ी हैं। ऐसे में उसका विलय उसकी ऐतिहासिक पहचान को कमजोर करेगा।
फ्री थिंकर्स क्लब ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि विद्यालय के विलय के आदेश तत्काल निरस्त कर इसे पुनः स्वतंत्र राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (बाल), नूरपुर के रूप में बहाल किया जाए तथा हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से इसकी स्वतंत्र संबद्धता बनाए रखी जाए, ताकि क्षेत्र की ऐतिहासिक शैक्षणिक धरोहर सुरक्षित रह सके।