शिमला। हिमाचल में असिस्टेंट स्टाफ नर्स की तर्ज पर जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (लाइब्रेरी) के 200 पदों को भरा जाएगा। यह जानकारी हिमाचल विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान ऊना के विधायक सतपाल सत्ती के सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने मुहैया करवाई है।
जानकारी दी गई कि कैबिनेट द्वारा इस श्रेणी में 200 पदों को सीधी भर्ती से भरने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इन पदों को स्वास्थ्य विभाग में सहायक स्टाफ नर्सों (Assistant Staff Nurses) की भर्ती की तर्ज पर एक पृथक योजना (Separate Scheme) के माध्यम से भरा जाएगा। वर्तमान में इसके लिए नीति तैयार की जा रही है, जिसके पश्चात उक्त पदों को भर दिया जाएगा।
यह भी जानकारी दी है कि सरकार द्वारा कनिष्ठ कार्यालय सहायक (पुस्तकालय) के 100 पदों को सीधी भर्ती के माध्यम से भरने हेतु अनुमति प्रदान की गई है, जिनमें से हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग, हमीरपुर को भेजे गए 78 पदों में से आयोग द्वारा
06 जुलाई 2026 को घोषित परिणाम के आधार पर प्राप्त 77 उम्मीदवारों की सिफारिश सूची में से 71 उम्मीदवारों के नियुक्ति आदेश 03 अगस्त 2026 को जारी कर दिए गए हैं, जबकि उच्च योग्यता से जुड़ी अदालत में विचाराधीन याचिका के कारण उच्च न्यायालय के आदेशानुसार 06 उम्मीदवारों के आदेश रोके गए हैं।
इसके अतिरिक्त भूतपूर्व सैनिक कोटे के 14 पद भर दिए गए हैं तथा शेष 01 पद पर प्रायोजित उम्मीदवार की सूचना मिलते ही कार्रवाई की जाएगी। खेल कोटे के सभी 03 पद भर दिए गए हैं और दिव्यांग कोटे के 04 पदों
को चिन्हित करने की प्रक्रिया सरकार के समक्ष विचाराधीन है, जिसके पूर्ण होते ही उन्हें भी भर दिया जाएगा।
जानकारी दी गई कि पदों को भरना एक सतत् प्रक्रिया है। पदों की रिक्ति, प्रशासनिक आवश्यकताओं तथा बजटीय स्वीकृति के आधार पर 50 प्रतिशत बैचवाइज पदों को भरने के संबंध में भविष्य में नियमानुसार विचार किया जाएगा।
बता दें कि हिमाचल प्रदेश के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए सरकार द्वारा (चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग) अधिसूचित पॉलिसी 6 नवंबर 2025 के अन्तर्गत असिस्टेंट स्टाफ नर्स की सेवाओं को लिया जा रहा है।
इनकी सेवा अवधि 5 वर्ष के लिए है, इस नीति के तहत तैनात सहायक स्टाफ नर्सों की सेवाओं को नियमित करने का प्रावधान नहीं है। हालांकि, जरूरत के अनुसार और सार्वजनकि हित को ध्यान में रखते हुए इनकी सेवा अवधि को भविष्य में बढ़ाने बारे सरकार विचार कर सकती है।