शिमला। हिमाचल में ग्राम रोजगार सेवकों को फरवरी, 2026 से जून, 2026 तक वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। माह फरवरी, 2026 से जून, 2026 तक का वेतन भारत सरकार से प्रशासनिक मद में उचित राशि प्राप्त न होने के कारण लंबित है।
राज्य सरकार ने भारत सरकार से समय-समय पर इस राशि की मांग की है, जो भारत सरकार के पास अब भी विचाराधीन है। भारत सरकार से समुचित राशि प्राप्त होते ही बकाया वेतन का भुगतान कर दिया जाएगा।
यह जानकारी हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान जसवां प्रागपुर के विधायक बिक्रम सिंह के सवाल के जवाब में पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने मुहैया करवाई है।
जानकारी दी गई कि ग्राम रोजगार सेवकों के लिए पृथक सेवा नीति बनाने और इनकी सेवा शर्तों को विनियमित करने का कोई मामला प्रदेश सरकार के विचाराधीन नहीं है। गत तीन वर्ष में माह जनवरी, 2026 तक सभी ग्राम रोजगार सेवकों का वेतन जारी किया जा चुका है।
माह फरवरी, 2026 से जून, 2026 तक मनरेगा के अन्तर्गत वेतन का भुगतान देय है। इसके अतिरिक्त माह जुलाई, 2026 के वेतन का भुगतान विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) के अंतर्गत किया जा चुका है।
वित्तीय वर्ष 2023-24 में अप्रैल, मई, सितम्बर, अक्टूबर, फरवरी और मार्च माह का वेतन विलम्ब से जारी किया गया। वित्तीय वर्ष 2024-25 में अप्रैल, मई, फरवरी (आंशिक) और मार्च माह का वेतन विलम्ब से जारी किया गया। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अप्रैल, मई, अगस्त, सितम्बर (आंशिक), नवंबर (आंशिक) फरवरी(आंशिक), मार्च(आंशिक) का वेतन विलम्ब से जारी किया गया।
मनरेगा के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों के वेतन का भुगतान शत प्रतिशत भारत सरकार द्वारा किया जाता है। इन वित्तीय वर्षों में भारत सरकार से मनरेगा के प्रशासनिक मद में अपर्याप्त राशि प्राप्त होने या राशि देर से प्राप्त होने के कारण वेतन के भुगतान में विलंब
रहा है।