ऋषि महाजन/नूरपुर। अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध एवं अवैध तस्करी निवारण दिवस पर पुलिस जिला नूरपुर ने नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 93 मामलों में जब्त करीब 65.33 लाख रुपये मूल्य के मादक पदार्थों को इंसिनरेटर में नष्ट कर दिया। मुख्यमंत्री के वर्चुअल मार्गदर्शन में प्रदेशभर में एक साथ हुई इस कार्रवाई को राज्य सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति का बड़ा संदेश माना जा रहा है।
जिला पुलिस नूरपुर ने एनडीपीएस एक्ट के तहत जब्त 9.681 किलोग्राम चरस, 636.43 ग्राम चिट्टा (हेरोइन), 21,221 नशीली कैप्सूल, 100.422 किलोग्राम पोपी हस्क, 32.060 किलोग्राम चूरा पोस्त, 174 पोपी पौधे, 2100 मिलीलीटर कोरेक्स और 6000 मिलीलीटर अवैध शराब को पूरी तरह नष्ट किया। पुलिस के अनुसार इन सभी मादक पदार्थों की अनुमानित अंतरराष्ट्रीय और बाजार कीमत 65 लाख 33 हजार 500 रुपये है।
यह कार्रवाई मुख्यमंत्री द्वारा 15 नवंबर 2025 को शुरू किए गए 'एंटी-चिट्टा जन-आंदोलन' के तहत की गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में ड्रग माफिया, तस्करों और पेडलरों के खिलाफ अभियान और अधिक तेज किया जाएगा तथा किसी भी स्तर पर नशे के कारोबार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुलिस का कहना है कि जब्त मादक पदार्थों को नष्ट करने का उद्देश्य केवल केस प्रॉपर्टी का निपटारा नहीं, बल्कि नशे के अवैध कारोबार में शामिल लोगों को यह संदेश देना है कि हिमाचल में उनके लिए कोई जगह नहीं है। साथ ही युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाकर समाज को सुरक्षित बनाना इस अभियान की प्राथमिकता है।
अभियान के तहत नूरपुर पुलिस जिले की 22 संवेदनशील पंचायतों में नशा निवारण समितियों की बैठकें आयोजित की गईं। इसके अलावा सरकारी एवं निजी स्कूलों, शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी कार्यालयों में एंटी-चिट्टा ई-शपथ दिलाकर लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक किया गया।
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि नशा तस्करी, बिक्री या सेवन से जुड़ी किसी भी सूचना की जानकारी तत्काल 112 या निकटतम पुलिस थाने को दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और हर सूचना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।