कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा ब्लॉक की झिकली इच्छी पंचायत में प्रधान पद के चुनाव नतीजे घोषित होते ही भारी बवाल खड़ा हो गया है।
महज 8 वोटों के अंतर से चुनाव हारने वाले प्रत्याशी के समर्थकों का गुस्सा इस कदर फूटा कि पंचायत भवन के बाहर का माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया।
आक्रोशित भीड़ ने न सिर्फ जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, बल्कि पोलिंग पार्टी को भी कुछ देर के लिए एक कमरे के भीतर बंद कर दिया।
जानकारी के मुताबिक, झिकली इच्छी पंचायत में वोटों की गिनती का काम पूरी रात चलता रहा। सुबह करीब 6 बजकर 30 मिनट पर जैसे ही चुनाव अधिकारी ने प्रधान पद का फाइनल रिजल्ट घोषित किया, वैसे ही वहां मौजूद लोग भड़क गए।
गुस्साए समर्थकों ने चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए धांधली का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि मतदान और गिनती के आंकड़ों में हेरफेर हुई है और कुल 35 वोट गायब हैं।
इस पंचायत में मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा समर्थित उम्मीदवारों के बीच था। चुनाव परिणाम के आंकड़े इस प्रकार रहे:
इकबाल सिंह (कांग्रेस समर्थित): 1331 वोट (विजेता)
विजय कुमार (बीजेपी समर्थित): 1323 वोट
जीत का अंतर: मात्र 8 वोट
इन्हीं 8 वोटों से मिली शिकस्त के बाद विजय कुमार के समर्थक पूरी तरह से आक्रोशित हो गए और पंचायत भवन के बाहर सड़क पर उतरकर चक्का जाम और प्रदर्शन करने लगे।
हंगामे और पोलिंग पार्टी को बंधक बनाए जाने की सूचना मिलते ही बीडीओ कांगड़ा तारुल कटियार और तहसीलदार प्रकाश चंद तुरंत भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने नाराज भीड़ को समझाने और शांत करने का प्रयास किया, लेकिन बेकाबू भीड़ ने अधिकारियों की गाड़ियों को आगे नहीं बढ़ने दिया और जिला प्रशासन के खिलाफ उग्र नारेबाजी की।
हालात को नियंत्रण में करने के लिए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा। काफी मशक्कत और सूझबूझ के बाद तहसीलदार और उनकी टीम झिकली इच्छी पंचायत से सुरक्षित निकलकर एसडीएम ऑफिस कांगड़ा के लिए रवाना हो सकी।
हार का सामना करने वाले उम्मीदवार विजय कुमार ने चुनाव अधिकारी और उनकी पूरी टीम की कार्यप्रणाली पर गंभीर शक जताया है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह चुनाव नतीजा पूरी तरह से संदिग्ध है और हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे।
मैं इस नतीजे के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाऊंगा और इसे कानूनी रूप से चुनौती दूंगा। इसके साथ ही, हमारी चुनाव आयोग से मांग है कि इस ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले सभी अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड किया जाए। फिलहाल क्षेत्र में तनाव को देखते हुए प्रशासन पूरी नजर बनाए हुए है और पुलिस बल एहतियातन तैनात है।