ऋषि महाजन/नूरपुर। हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं जल शक्ति मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शनिवार को फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र का दौरा कर इंजीनियर-इन-चीफ (प्रोजेक्ट) कार्यालय का निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने ऐलान किया कि सोमवार से ईएनसी प्रोजेक्ट कार्यालय फतेहपुर में इंजीनियर-इन-चीफ की नियमित उपस्थिति शुरू होगी और प्रदेश की प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं का संचालन यहीं से किया जाएगा।
फतेहपुर पहुंचे उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने ईएनसी प्रोजेक्ट कार्यालय का निरीक्षण किया और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि फतेहपुर का ईएनसी प्रोजेक्ट कार्यालय अब पहले से अधिक अधिकारों के साथ कार्य करेगा। सिंचाई विभाग की प्रमुख परियोजनाओं का संचालन अब फतेहपुर से होगा, जबकि जल शक्ति विभाग के पेयजल विंग के ईएनसी शिमला में बैठेंगे।
सोमवार से ईएनसी प्रोजेक्ट कार्यालय फतेहपुर में इंजीनियर-इन-चीफ की नियमित उपस्थिति शुरू होगी। इससे प्रदेश की प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं की निगरानी और कार्यों में तेजी आएगी तथा किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि ईएनसी प्रोजेक्ट कार्यालय के फतेहपुर में सक्रिय होने से फतेहपुर, इंदौरा, नूरपुर, जवाली, देहरा और शाहपुर क्षेत्रों के हजारों किसानों को लाभ मिलेगा। शाहनहर, सिद्धाथा नहर, फिना सिंह नहर और सुखाहार सिंचाई योजना जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं की मॉनिटरिंग अब फतेहपुर से होगी।
यह केवल कार्यालय की वापसी नहीं है, बल्कि प्रदेश की सिंचाई परियोजनाओं को नई गति देने का निर्णय है। फतेहपुर अब सिंचाई परियोजनाओं का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।
फतेहपुर के विधायक एवं राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष भवानी सिंह पठानिया ने इसे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में कार्यालय के मंडी स्थानांतरण के बाद जनता लगातार इसकी बहाली की मांग कर रही थी। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जखबड़ की जनसभा में किया अपना वादा निभाते हुए इस कार्यालय को फिर से फतेहपुर में स्थापित किया है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जनता से किया वादा पूरा किया है। ईएनसी प्रोजेक्ट कार्यालय की बहाली से क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलेगी और हजारों किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
फतेहपुर में ईएनसी प्रोजेक्ट कार्यालय की बहाली को क्षेत्र की सबसे बड़ी प्रशासनिक उपलब्धियों में माना जा रहा है। सरकार का दावा है कि इससे प्रदेश की प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं में तेजी आएगी और कांगड़ा के छह विधानसभा क्षेत्रों के किसानों को समय पर सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध होंगी।