शिमला। जिला शिमला प्रशासन के नाम से सोशल मीडिया पर शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने का एक फर्जी आदेश वायरल हो रहा है। मामला संज्ञान में आते ही जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया है कि यह पत्र पूरी तरह भ्रामक, जाली और आधारहीन है।
सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे इस पत्र में दावा किया गया है कि जिला शिमला के सभी सरकारी व निजी स्कूलों, कॉलेजों, आंगनबाड़ी केंद्रों, आईटीआई, पॉलिटेक्निक, कोचिंग सेंटरों और नर्सिंग संस्थानों में छुट्टियां घोषित की गई हैं। जालसाजों ने इसे असली रूप देने के लिए पत्र पर जिला दंडाधिकारी एवं अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA), शिमला के नाम और फर्जी हस्ताक्षर का भी इस्तेमाल किया है।
जिला प्रशासन ने आम जनता, विद्यार्थियों और अभिभावकों से अपील की है कि इस पत्र को आधिकारिक आदेश न माना जाए। किसी भी प्रकार के अवकाश या संस्थानों को बंद करने से जुड़े आदेश केवल जिला प्रशासन या संबंधित विभाग के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल और अधिकृत माध्यमों से ही जारी किए जाते हैं। लोगों से बिना पुष्टि ऐसे पत्रों को शेयर न करने का आग्रह किया गया है।
सरकारी अधिकारी के नाम और हस्ताक्षर का दुरुपयोग कर फर्जी दस्तावेज तैयार करना एक गंभीर कानूनी अपराध है। जिला प्रशासन ने सख्त चेतावनी दी है कि इस फर्जी पत्र को सोशल मीडिया पर शेयर करने और अफवाह फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।