ऋषि महाजन/ नूरपुर। हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के फतेहपुर से कांग्रेस विधायक एवं राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष (कैबिनेट रैंक) भवानी सिंह पठानिया ने मनरेगा योजना को लेकर भाजपा और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को गांधी नाम से एलर्जी है और इसी मानसिकता के चलते मनरेगा के नाम और उसके मूल स्वरूप से छेड़छाड़ कर गांवों से रोजगार छीना जा रहा है।
फतेहपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान पठानिया ने कहा कि यूपीए सरकार के समय मनरेगा के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की एक मजबूत व्यवस्था खड़ी की गई थी। यह योजना गांवों में आजीविका की रीढ़ थी, लेकिन मौजूदा केंद्र सरकार ने नियमों और प्रक्रियाओं में बदलाव कर इसे कमजोर कर दिया। इसका सीधा नुकसान गरीब और ग्रामीण परिवारों को उठाना पड़ रहा है। आज हालात यह हैं कि लोगों को न समय पर काम मिल रहा है और न ही पूरा रोजगार।
उन्होंने कहा कि मनरेगा महात्मा गांधी के विचारों पर आधारित एक ऐतिहासिक योजना है, लेकिन भाजपा को गांधी जी का नाम ही स्वीकार नहीं है। इसी वजह से योजना के नाम और उद्देश्य से लगातार छेड़छाड़ की जा रही है।
इस दौरान भवानी सिंह पठानिया ने धर्मशाला के विधायक एवं पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा के हालिया बयानों पर भी कड़ा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने सुधीर शर्मा को राजनीति में पहचान दी, लेकिन आज वही नेता कांग्रेस और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के खिलाफ अनर्गल बयानबाजी कर अपनी निजी खुंदस निकाल रहे हैं। पठानिया ने तंज कसते हुए कहा कि सुधीर शर्मा 15 हजार करोड़ रुपये की घोषणाओं और बेरोजगारी जैसे गंभीर मुद्दों पर पूरी तरह चुप हैं। धर्मशाला कार्निवल और आयुष विभाग के कार्यक्रमों के लिए जारी पत्र को लेकर की गई टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने सुधीर शर्मा को भाजपा का “पांचवां गुट” करार दिया।
पठानिया ने कहा कि भाजपा चुनाव के समय धर्म और भावनाओं की राजनीति करती है, लेकिन सत्ता में आने के बाद बेरोजगारी जैसे जमीनी मुद्दों पर चुप्पी साध लेती है। राम किसी एक पार्टी के नहीं हैं, लेकिन भाजपा को चुनाव आते ही राम याद आते हैं और शासन के समय युवा और रोजगार के सवाल गायब हो जाते हैं।