सुंदरनगर। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सुंदरनगर विकास खंड की चनौल पंचायत के चुनावी नतीजे इस समय पूरे इलाके में कौतूहल और चर्चा का विषय बने हुए हैं। यहाँ एक ही परिवार से बहू और ससुर की जोड़ी ने एक साथ जीत दर्ज कर पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
बहू नीलम ठाकुर ने प्रधान पद पर कब्ज़ा जमाया है, वहीं उनके 96 वर्षीय ससुर शंकर सिंह ने चौथी बार लगातार उपप्रधान बनकर अपनी लोकप्रियता का लोहा मनवाया है।
96 वर्षीय शंकर सिंह क्षेत्र की राजनीति के मंझे हुए खिलाड़ी हैं। उनके नाम कई बड़े रिकॉर्ड हैं:
सफर की शुरुआत: उनका चुनावी सफर वर्ष 1973 में शुरू हुआ था।
लगातार जीत: वे पूर्व में पंचायत प्रधान भी रह चुके हैं और पिछले 16 वर्षों से लगातार उपप्रधान के पद पर जीत दर्ज करते आ रहे हैं।
उम्र के इस पड़ाव में भी उनकी सक्रियता और जनसेवा का जज्बा युवाओं के लिए एक मिसाल है।
वहीं, प्रधान चुनी गईं 53 वर्षीय नीलम ठाकुर भी राजनीति में कोई नया चेहरा नहीं हैं, उनका भी पुराना अनुभव रहा है:
2010: पहली बार चनौल पंचायत की प्रधान चुनी गईं।
2015: अपनी लोकप्रियता के दम पर जिला परिषद सदस्य का चुनाव जीता।
2021: इस चुनाव में उन्हें मामूली शिकस्त झेलनी पड़ी थी, लेकिन 2026 के इस चुनाव में जनता ने फिर से उन पर अटूट विश्वास जताते हुए पंचायत की कमान सौंप दी है।
इस ऐतिहासिक जीत का सबसे दिलचस्प मोड़ दोनों की राजनीतिक विचारधारा है। एक ही घर में रहने और एक ही पंचायत को चलाने वाली इस जोड़ी में:
बहू नीलम ठाकुर: भारतीय जनता पार्टी (BJP) की समर्थक मानी जाती हैं।
ससुर शंकर सिंह: हमेशा से कांग्रेस (Congress) विचारधारा के करीब रहे हैं।
अलग-अलग विचारधाराओं के बावजूद, दोनों ने मिलकर लोकतंत्र और जनसेवा की एक खूबसूरत मिसाल पेश की है।