हरिपुर। हिमाचल कांग्रेस कमेटी की राज्य प्रवक्ता किरण गुलेरी ने कहा कि जनता के 'वोट की सुरक्षा' की मांग करने पर दिल्ली में लोकतंत्र का चीरहरण और विपक्ष की आवाज पर पुलिसिया दमन निंदनीय है। देश की राजधानी दिल्ली में जो हुआ, वह स्वतंत्र भारत के इतिहास का एक काला अध्याय है।
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, एआईसीसी महासचिव प्रियंका गांधी और इंडिया (INDIA) गठबंधन के सांसद देश की जनता के 'वोट की सुरक्षा' और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर शांतिपूर्ण मार्च निकाल रहे थे।
सरकार ने जबरन पुलिस बल के दम पर इस शांतिपूर्ण मार्च को रोका और 9 घंटे तक शांतिपूर्ण ढंग से धरने पर बैठे सांसदों को घसीटकर हिरासत में लिया गया। इससे यह पता चलता है कि सरकार जनता के सवालों और विपक्ष की एकजुटता से कितनी डरी हुई है।
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और मतदाता सूचियों में हो रही हेराफेरी के खिलाफ आवाज उठाना हर नागरिक और जनप्रतिनिधियों का संवैधानिक अधिकार है।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी इस दमनकारी कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा करती है। लाठियों, बैरिकेड्स और पुलिस वैन के दम पर सत्य और जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। यह लड़ाई संसद से लेकर सड़क तक और मजबूती से जारी रहेगी।