शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। जल शक्ति विभाग में पैरा वर्करों के 4,090 पद भरने को स्वीकृति प्रदान की जिसमें पंप ऑपरेटर्ज, पैरा फिटर्ज और बहुद्देश्यीय कार्यकर्ता शामिल होंगे। बैठक में 100 और स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध करने का निर्णय लिया गया जिसके लिए नई योजना तैयार की जाएगी। इन स्कूलों में नई योजना आधारित भर्ती के माध्यम से 3,900 शैक्षणिक और 900 गैर-शैक्षणिक पदों को भरने की भी मंजूरी प्रदान की गई।
बैठक में शेष रह गए एसएमसी शिक्षकों (जिनमें पीजीटी और टीजीटी शिक्षक शामिल हैं) के लिए एलडीआर (सीमित सीधी भर्ती) परीक्षा आयोजित करने को मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने सरकारी स्कूलों में आउटसोर्स आधार पर कार्यरत कंप्यूटर शिक्षकों के पदों को एलडीआर के माध्यम से भरने का भी निर्णय लिया। स्वास्थ्य विभाग में 500 सहायक स्टाफ नर्सों के पद भरने को मंजूरी दी गई।
शिक्षा विभाग में कॉलेज कैडर के सहायक प्रोफेसरों के 320 पद बैकलॉग कोटे के तहत भरने का निर्णय लिया गया। लोक निर्माण विभाग में 172 मल्टी टास्क वर्करों के पद भरने का निर्णय लिया गया। बैठक में चिकित्सा शिक्षा विभाग में 30 रेडियोलॉजिस्ट, 13 क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट और परफ्यूजनिस्ट के 6 पद भरने को मंजूरी दी गई। दिव्यांग व्यक्तियों के लिए चार प्रतिशत आरक्षण कोटे के तहत विभिन्न श्रेणियों के 27 पदों तथा 11 मल्टी टास्क वर्करों के पदों को भरने की भी स्वीकृति प्रदान की गई।
डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय टांडा में स्पेशलिस्ट एवं सुपर स्पेशलिस्ट श्रेणी के 24 चिकित्सा अधिकारियों के पद भरने का निर्णय लिया गया। पशुपालन विभाग में विभिन्न श्रेणियों के 116 पद भरने को मंजूरी दी गई। बागवानी विभाग में बागवानी विस्तार अधिकारी के 40 और वरिष्ठ सहायक के 5 पद भरने का निर्णय लिया गया। दुर्गेश अरण्य वन्य प्राणी उद्यान बनखंडी, कांगड़ा अंतरराष्ट्रीय चिड़ियाघर के लिए विभिन्न श्रेणियों के 26 पद सृजित कर भरने को स्वीकृति प्रदान की गई।
स्वास्थ्य विभाग में आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों के लिए रेडियोग्राफर के 10 पद भरने को मंजूरी प्रदान की गई।
इसके अतिरिक्त कोषागार, लेखा एवं लॉटरी विभाग में सहायक कोषागार अधिकारी के 18 पद भरने को मंजूरी प्रदान की गई।
बागवानी विभाग में बागवानी विकास अधिकारी के 10 पद भरने को मंजूरी दी गई।
भर्ती निदेशालय के लिए प्रथम चरण में विभिन्न श्रेणियों के 14 पद सृजित कर भरने का निर्णय लिया गया।
लोक निर्माण विभाग में कनिष्ठ अभियंता (सिविल) के 10 पद भरने को मंजूरी प्रदान की गई।
वन विभाग में रेंज वन अधिकारी के 10 पद भरने को मंजूरी प्रदान की गई।
एमसीएच कुल्लू के लिए 10 पद सृजित कर भरने को मंजूरी प्रदान की गई।
राज्य कर एवं आबकारी विभाग में कनिष्ठ कार्यालय सहायक (आईटी) के 10 पद भरे जाएंगे।
बैठक में सहकारिता विभाग में कनिष्ठ रजिस्ट्रार के 2 और सहायक निरीक्षक के 30 पद सृजित कर भरने को मंजूरी प्रदान की गई।
निर्वाचन विभाग में निर्वाचन कानूनगो के 13 पद भरने को मंजूरी प्रदान की गई।
फोरेंसिक सेवा निदेशालय में विभिन्न श्रेणियों के 5 पद सृजित कर भरने को मंजूरी प्रदान की गई।
कोषागार, लेखा एवं लॉटरी निदेशालय में विभिन्न श्रेणियों के 7 पद सृजित कर भरने को मंजूरी दी गई।
मंत्रिमंडल ने शिमला, मंडी और कांगड़ा के धर्मशाला में पारिवारिक न्यायालयों में निजी सचिव का एक-एक पद सृजित करने को स्वीकृति प्रदान की।
बैठक में कांगड़ा जिले के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय देहरा में एक मोटर वाहन निरीक्षक और एक कनिष्ठ कार्यालय सहायक (आईटी) का पद भरने को मंजूरी प्रदान की गई।
बैठक में शिमला जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुपवी में एक कनिष्ठ कार्यालय सहायक (आईटी) और एक मल्टी टास्क वर्कर के पद को स्वीकृति प्रदान की गई। शिक्षा विभाग में अनुकंपा के आधार पर 29 कनिष्ठ कार्यालय सहायक (आईटी) की नियुक्ति को स्वीकृति प्रदान की गई।
मंत्रिमंडल ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मासिक मानदेय 10,500 रुपये से बढ़ाकर 11,500 रुपये तथा आंगनवाड़ी सहायिकाओं का मानदेय 5,800 रुपये से बढ़ाकर 6,800 रुपये करने को मंजूरी दी।
बैठक में विधवाओं, निराश्रित और एकल महिलाओं के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की नियुक्ति के लिए वार्षिक आय सीमा को 50,000 रुपये से बढ़ाकर 75,000 रुपये करने को स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक में सूचना एवं जन संपर्क विभाग में उप-संपादक के 2 पद भरने को स्वीकृति प्रदान की गई।
इसके अतिरिक्त, वन मित्रों का मासिक मानदेय को 10,000 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये करने का निर्णय लिया गया।
मंत्रिमंडल ने हजारों किसानों को लाभान्वित करने के लिए दुग्ध प्रोत्साहन योजना के तहत सहायता राशि 3 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 6 रुपये प्रति लीटर करने को मंजूरी प्रदान की।
बैठक में सरकारी विभागों को अपनी दूध और दुग्ध उत्पादों की आवश्यकताओं की खरीद मिल्कफेड से करने के निर्देश देने का निर्णय लिया गया, ताकि दुग्ध उत्पादकों को सुनिश्चित बाजार उपलब्ध हो सके।
बैठक में सोलन जिला में सतत विकास एवं जलवायु अनुकूल वर्षा आधारित कृषि के लिए संचालित एकीकृत विकास परियोजना के अंतर्गत वर्तमान में कार्यरत ग्राम पंचायतों तथा आसपास की अतिरिक्त ग्राम पंचायतों में परियोजना गतिविधियों को जारी रखने और विस्तारित करने के लिए 603 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि को स्वीकृति प्रदान की गई।
सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात विशेष पुलिस अधिकारियों का मासिक मानदेय 500 रुपये बढ़ाने का निर्णय लिया गया। यह वृद्धि 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगी।
बैठक में एनडीपीएस मामलों की सुनवाई के लिए कांगड़ा और मंडी में विशेष न्यायालय स्थापित करने का निर्णय लिया गया है।
मंत्रिमंडल ने होमगार्ड स्वयंसेवकों और उनके परिवारों के लिए राष्ट्रपति मेधावी सहायता योजना के तहत अचानक उत्पन्न गंभीर संकट, बीमारी या चोट की स्थिति में वित्तीय सहायता राशि 10,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये करने को मंजूरी दी। मृत्यु की स्थिति में एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया गया।
मंत्रिमंडल ने कांगड़ा जिले की बोह घाटी में आपदा प्रभावित परिवारों के लिए विशेष राहत पैकेज प्रदान करने का निर्णय लिया। इस पैकेज के तहत पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों वाले परिवारों को 7.50 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। घरेलू सामान के नुकसान की भरपाई के लिए एक लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे। प्रभावित परिवारों को किराये के लिए 5,000 रुपये की सहायता तथा छह महीने तक मुफ्त राशन प्रदान करने का भी निर्णय लिया।
इस पैकेज के तहत भैंस की क्षति होने पर 55,000 रुपये और बकरी या भेड़ की क्षति पर 15,000 रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। मत्स्य पालन में हुए नुकसान के लिए एक लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। फसल के नुकसान पर 2,000 रुपये प्रति कनाल तथा कृषि भूमि को नुकसान पहुंचने पर 5,000 रुपये की सहायता प्रदान करने को स्वीकृति दी गई।
मंत्रिमंडल ने जलाशयों में मछली पकड़ने वाले मछुआरों को लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री मछुआरा सहायता योजना शुरू करने का निर्णय लिया। इस योजना के तहत जलाशयों की मछलियों के लिए 100 रुपये प्रति किलोग्राम न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया जाएगा। यदि नीलामी के दौरान मछली 100 रुपये प्रति किलोग्राम से कम कीमत पर बिकती है, तो राज्य सरकार की ओर से 20 रुपये प्रति किलोग्राम तक सब्सिडी प्रदान करने का निर्णय लिया गया।
मंत्रिमंडल ने शत-प्रतिशत दिव्यांगता वाले व्यक्तियों की मासिक पेंशन 1 अप्रैल, 2026 से बढ़ाकर 3,000 रुपये करने को मंजूरी प्रदान की।
मंत्रिमंडल ने डेवलपर्स की ओर से 5 मेगावाट से कम क्षमता वाली 33 लघु जल विद्युत परियोजनाओं के निर्माण कार्य में गंभीरता नहीं दिखाने के दृष्टिगत आवंटन को रद्द करने की मंजूरी प्रदान की।
बैठक में 126 मेगावाट की छतडू तथा 205 मेगावाट की रोपा- I एवं III विद्युत परियोजनाओं के आवंटन के लिए दोबारा निविदाएं आमंत्रित करने का निर्णय लिया।
मंत्रिमंडल ने शिमला जिले में पुलिस थाना ढली के अंतर्गत कोटी में नई पुलिस चौकी खोलने तथा विभिन्न श्रेणियों के 8 पद सृजित कर भरने को मंजूरी प्रदान की।
इसके अतिरिक्त कांगड़ा जिले के शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत दरिणी में आवश्यक पद सृजित कर नया जल शक्ति अनुभाग खोलने को स्वीकृति प्रदान की गई।
मंत्रिमंडल ने कांगड़ा जिले में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दरिणी (रिड़कमार) को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में स्तरोन्नत करने तथा आवश्यक पद सृजित कर भरने को स्वीकृति प्रदान की।
मंत्रिमंडल ने कांगड़ा जिले के संसाल में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने तथा आवश्यक पद सृजित कर भरने को मंजूरी प्रदान की।
बैठक में ऊना जिले की घनाड़ी तहसील के गोकुल नगर तथा शिमला जिले की कोटखाई तहसील के फुफ्टू में केंद्रीय विद्यालयों के निर्माण के लिए भूमि के दो हिस्से भारत सरकार के शिक्षा विभाग के पक्ष में हस्तांतरित करने का निर्णय लिया।
मंत्रिमंडल ने तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग का नाम बदलकर तकनीकी शिक्षा, कौशल एवं उद्यमिता विकास विभाग करने को स्वीकृति प्रदान की।
इसके अतिरिक्त तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग में असिस्टेंट क्राफ्ट इंस्ट्रक्टर, असिस्टेंट लेक्चरर (पॉलिटेक्निक) तथा कनिष्ठ प्रोफेसर (इंजीनियरिंग एवं फार्मेसी) की नियुक्ति के लिए नीति को मंजूरी प्रदान की। इसके साथ असिस्टेंट लेक्चरर के 40 पद और असिस्टेंट क्राफ्ट इंस्ट्रक्टर के 120 पद भरने को स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक में वन विभाग में सहायक वन रक्षकों की तैनाती के लिए नीति को मंजूरी प्रदान की गई, जिससे 500 सहायक वन रक्षकों के पद भरने का मार्ग प्रशस्त होगा।
मंत्रिमंडल ने इको-टूरिज्म गतिविधियों को संचालित करने के लिए 9 इको-टूरिज्म स्थलों के आवंटन को भी मंजूरी प्रदान की।
बैठक में डिजिटल स्टाम्पिंग सेवाओं को वैधानिक मान्यता प्रदान करने और उनके उपयोग को सक्षम बनाने के लिए हिमाचल प्रदेश ई-स्टाम्पिंग नियम, 2026 में संशोधन करने को स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिमंडल ने गवाह संरक्षण योजना को भी मंजूरी दी।
बैठक में आपदाओं के कारण ट्राउट मछली पालकों को होने वाले नुकसान से सुरक्षा प्रदान करने के लिए एक करोड़ रुपये के बजट प्रावधान के साथ ट्राउट जोखिम निधि योजना लागू करने को मंजूरी प्रदान की गई।
मंत्रिमंडल ने छोटा शिमला चौक का पुनर्विकास करने और आम लोगों की सुविधा के लिए अंडरपास बनाने को स्वीकृति प्रदान की।
इसके अतिरिक्त पीएम-पोषण योजना के अंतर्गत सरकारी विद्यालयों में तैनात कुक-कम-हेल्पर को एक कैलेंडर वर्ष में 12 दिनों का आकस्मिक अवकाश प्रदान करने का भी निर्णय लिया गया।
मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश राजकीय दंत महाविद्यालय एवं अस्पताल, शिमला का नाम बदलकर राजीव गांधी राजकीय दंत महाविद्यालय एवं अस्पताल, शिमला करने को स्वीकृति प्रदान की।
मंत्रिमंडल ने हमीरपुर के पुराने बस अड्डे पर सिटी सेंटर स्थापित करने और सोलन जिले के बद्दी स्थित शीतलपुर में अंतरराज्यीय बस टर्मिनल स्थापित करने को भी स्वीकृति प्रदान की।
बैठक में हमीरपुर जिले के श्री बाबा बालक नाथ मंदिर, दियोटसिद्ध में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आठ मंजिला बहुमंजिला पार्किंग सुविधा और टॉयलेट कॉम्पलेक्स का निर्माण करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में सुजानपुर के राज्यस्तरीय होली मेले को अंतरराष्ट्रीय दर्जा प्रदान करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में सरकारी कर्मचारियों के स्थानांतरण के लिए व्यापक दिशा-निर्देश तैयार करने हेतु उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में एक उप-समिति का गठन करने का निर्णय लिया गया। समिति में कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार और राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। समिति प्रदेश सरकार के कर्मचारियों के गृह जिलों में तथा एक ही जिले के भीतर स्थानांतरण को विनियमित करने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश तैयार करेगी।
मंत्रिमंडल ने एम्बुलेंस संपर्क सड़कों के निर्माण एवं विकास के लिए दिशा-निर्देशों को स्वीकृति प्रदान की। इसके अंतर्गत इन सड़कों के डिजाइन, निर्माण तथा प्रमाणीकरण के लिए निर्धारित मानकों को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही, इन्हें एक अलग श्रेणी के रूप में औपचारिक मान्यता प्रदान की गई ताकि ज्यादा से ज्यादा क्षेत्र तक सड़क संपर्क सुविधा सुनिश्चित की जा सके।
अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाली भारतीय टीमों के खिलाड़ियों को दिए जाने वाले नकद पुरस्कारों के प्रावधानों में संशोधन को स्वीकृति प्रदान की गई।
संशोधित प्रावधानों के अनुसार, पदक विजेता भारतीय टीम में शामिल हिमाचल प्रदेश के सभी पात्र खिलाड़ियों के बीच नकद पुरस्कार समान रूप से वितरित किया जा सकेगा। ऐसी स्थिति में प्रत्येक खिलाड़ी को व्यक्तिगत पदक विजेता के लिए निर्धारित राशि के बराबर पुरस्कार दिया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त, पुरस्कार का वितरण आनुपातिक आधार पर भी किया जा सकेगा, जिसमें प्रत्येक खिलाड़ी के लिए व्यक्तिगत पदक विजेता हेतु निर्धारित नकद पुरस्कार की कम-से-कम 25 प्रतिशत राशि सुनिश्चित होगी।
बैठक में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए जिला युवा सेवाएं एवं खेल अधिकारी के पद सृजित करने को स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक में अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपरस्पेशलिटी चमियाना में क्रिटिकल केयर मेडिसिन तथा सर्जिकल गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी के 2 सुपर स्पेशिएलिटी विभाग स्थापित करने को स्वीकृति प्रदान की गई। इन विभागों की स्थापना के साथ-साथ ब्लड ट्रांसफ्यूजन, एनेस्थीसिया तथा रेडियोलॉजी जैसे सहायक विभागों को सुदृढ़ किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक पदों का सृजन भी किया जाएगा।
मंत्रिमंडल ने पंडित जवाहरलाल नेहरू राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय चंबा में राजकीय नर्सिंग महाविद्यालय स्थापित करने को भी स्वीकृति प्रदान की। इस महाविद्यालय में बीएससी नर्सिंग की 60 सीटें होंगी।
बैठक में ऊना जिले के पंजोआ में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने और आवश्यक पदों के सृजन एवं भर्ती की भी स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक में एचपी शिवा परियोजना की अवधि को दो वर्ष बढ़ाकर जून 2028 से जून 2030 करने का निर्णय लिया गया।
मंत्रिमंडल ने ऊना जिले स्थित पीरनिगाह मंदिर को टेकओवर करने का निर्णय लिया। बैठक में पोषण नीति-2026 को स्वीकृति प्रदान की गई।