शक्ति की आराधना का महापर्व शारदीय नवरात्र का शुभारंभ होने जा रहा है। इस पावन अवसर पर घरों और मंदिरों में विधि-विधान के साथ घटस्थापना (कलश स्थापना) की जाती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कलश स्थापना के साथ ही माता दुर्गा का आगमन घर में होता है। इन नौ दिनों तक मां की ऊर्जा का वास घर में रहता है, इसलिए पूजा-पाठ के साथ-साथ कुछ खास नियमों और सावधानियों का पालन करना बेहद जरूरी माना जाता है।
यदि घटस्थापना के बाद अनजाने में भी कुछ गलतियां हो जाएं, तो पूजा का पूरा फल नहीं मिलता और माता रानी का अनादर माना जाता है। आइए जानते हैं कि घटस्थापना के बाद किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए :
1. घर को सूना या अकेला बिल्कुल न छोड़ें
नियम: घटस्थापना करने और घर में माता का आह्वान करने के बाद पूरे नौ दिनों तक घर को पूरी तरह से खाली या सूना नहीं छोड़ना चाहिए। यदि आपने घर में अखंड ज्योत (अखंड दीपक) जलाई है, तो उसकी देखभाल के लिए परिवार का कोई न कोई सदस्य घर में जरूर रहना चाहिए।
सावधानी: घर में ताला लगाकर बाहर जाने से बचें, क्योंकि अखंड ज्योति का बुझना या कलश के पास एकांत होना अशुभ माना जाता है। यदि विशेष परिस्थिति में बाहर जाना पड़े, तो ज्योति की सुरक्षा और निरंतरता का पुख्ता प्रबंध करके जाएं।
2. तामसिक भोजन (प्याज, लहसुन, मांस-मदिरा) का सेवन
नियम: नवरात्र के नौ दिन पूरी तरह से सात्विकता, संयम और शुद्धि के होते हैं। घटस्थापना के पश्चात आपके घर में किसी भी प्रकार का तामसिक भोजन (मांस, मदिरा, अंडा, प्याज और लहसुन) नहीं बनना चाहिए और न ही इसका सेवन किया जाना चाहिए।
सावधानी: यह नियम केवल व्रत रखने वालों पर ही नहीं, बल्कि घर के अन्य सदस्यों पर भी लागू होता है। घर का माहौल पूरी तरह सात्विक होना चाहिए ताकि सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे।
3. घर में वाद-विवाद, कलह और अपशब्दों से बचें
नियम: नवरात्र का यह पवित्र समय आत्म-शुद्धि, संयम और मां की भक्ति का होता है। घटस्थापना के बाद घर में बेवजह गुस्सा करना, जोर-जोर से चिल्लाना, किसी का अपमान करना या वाद-विवाद (कलह-कलेश) करने से बचना चाहिए।
सावधानी: माना जाता है कि जिस घर में कलह होती है, वहां नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और माता लक्ष्मी व मां दुर्गा रुष्ट होकर चली जाती हैं। इन दिनों घर में प्रेम, शांति और अनुशासन का माहौल बनाए रखें।
नियमित साफ-सफाई : कलश स्थापना वाले स्थान और मंदिर के आसपास के क्षेत्र को रोज साफ रखें। पूजा स्थल पर किसी भी तरह की गंदगी या अनावश्यक सामान इकट्ठा न होने दें।
अखंड ज्योति की सुरक्षा : यदि आपने अखंड दीप जलाया है, तो उस पर लगातार नजर रखें। हवा या किसी अन्य कारण से जोत बुझनी नहीं चाहिए। दीपक में समय पर घी या तेल डालते रहें।
सूतक या पीरियड्स के नियम : यदि घर में किसी सूतक या परिवार की महिलाओं को मासिक धर्म (पीरियड्स) आ जाए, तो कलश या मंदिर को सीधे स्पर्श न करें। ऐसे में परिवार के अन्य सदस्यों की मदद से पूजा और भोग की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना चाहिए।