कांगड़ा। जिला कांगड़ा प्राइवेट बस ऑपरेटर यूनियन ने शिमला-मटौर फोरलेन पर रानीताल के पास 'घट्टा टोल प्लाजा' में टोल बढ़ोतरी का कड़ा विरोध जताया है। इस संबंध में यूनियन के एक प्रतिनिधिमंडल ने लोकसभा सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज को ज्ञापन सौंपकर तुरंत हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है।
जिला कांगड़ा प्राइवेट बस ऑपरेटर यूनियन के अध्यक्ष हैप्पी अवस्थी ने बताया कि घटा टोल प्लाजा पर पहले प्रति ट्रिप बसों से मात्र 65 रुपये टोल वसूला जाता था, जिसे 01 अक्टूबर 2026 से बढ़ाकर सीधे 350 रुपये प्रति ट्रिप कर दिया गया है, जोकि बस ऑपरेटरों के लिए चुकाना बेहद मुश्किल है।
जिले के कई ऑपरेटरों की बसें रोजाना मात्र 120 से 150 किमी ही चलती हैं और उनकी आय बेहद कम है। इसके अलावा, देहरा के आसपास चलने वाली कई बसें एनएच का मात्र 10 से 15 किमी हिस्सा ही इस्तेमाल करती हैं और इतनी छोटी दूरी के लिए 350 रुपये चुकाना सरासर अन्याय है।
बस ऑपरेटरों ने सांसद से मांग की है कि इस मामले को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के समक्ष रखा जाए। यूनियन ने मांग की है कि या तो टोल दरों को तर्कसंगत बनाया जाए या फिर एनएच पर 20 किमी तक की दूरी तय करने वाली बसों को टोल प्लाजा से पूरी छूट दी जाए।
प्राइवेट बस ऑपरेटर्स ने एटीएस पासिंग मैनुअल होने पर खुशी जताई है। ऑपरेटरों ने कहा कि वाणिज्यिक वाहनों की जो पासिंग पहले केवल एटीएस (ATS) के माध्यम से हो रही थी, उसे पुनः मैनुअल (Manually) भी शुरू कर दिया गया है, जिससे बस ऑपरेटरों को बड़ी राहत मिली है।