मंडी। श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, मंडी स्थित नेरचौक में लोगों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मुहैया हो रही है। कैंसर मरीजों को भी बड़ी राहत मिल रही है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हाल ही में नेरचौक स्थित मेडिकल कॉलेज में एमआरआई मशीन और टर्शियरी केयर कैंसर सेंटर, लाईनेक एवं सीटी-सिम्यूलेटर मशीन का शुभारंभ किया।
कॉलेज में लगभग 23.53 करोड़ रुपये लागत से स्थापित अत्याधुनिक 3 टेस्ला एमआरआई मशीन गंभीर रोगों से संबंधित मरीजों की रेडियोलॉजिकल जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसके साथ ही रेडियो डायग्नोसिस विभाग में सहायक आचार्य के तीन पदों का सृजन भी किया गया है।
नेरचौक में तृतीयक स्तर कैंसर केंद्र शुरू हो चुका है। इस केंद्र में कैंसर रोगियों के लिए 10 बिस्तरों वाला डे-केयर वार्ड स्थापित किया गया है और यहां कीमोथेरेपी सहित आवश्यक उपचार एवं देखभाल सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
कैंसर उपचार को और सुदृढ़ करने के लिए लगभग 21.05 करोड़ रुपये की लागत से रेडियोथेरेपी उपकरण स्थापित किया जा चुका है। इससे कैंसर मरीजों को उपचार के लिए अन्य स्थानों पर जाने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें आधुनिक उपचार सुविधाएं अपने ही क्षेत्र में उपलब्ध हो सकेंगी। कैंसर रोगियों के उपचार के लिए 9.10 करोड़ रुपये की लागत से 4डी सीटी सिम्युलेटर खरीदा गया है। इसकी स्थापना का कार्य पूरा हो चुका है।
मेडिकल कॉलेज में लगभग 28.44 करोड़ रुपये की लागत से रोबोटिक सर्जरी मशीन स्थापित की गई है। मार्च, 2026 में अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी कार्यक्रम शुरू किया गया। अब तक 100 से अधिक सफल रोबोटिक सर्जरी की जा चुकी हैं।
इससे जटिल सर्जरी के दौरान मरीजों को अधिक सुरक्षित एवं बेहतर उपचार उपलब्ध करवाने में मदद मिल रही है। संस्थान में कैथ लैब स्थापित करने के लिए सरकार द्वारा 9.79 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। हृदय रोग विभाग में कार्डियोलॉजिस्ट की नियुक्ति के साथ कार्य प्रारंभ हो चुका है तथा हृदय रोगियों को दैनिक ओपीडी सेवाएं भी प्रदान की जा रही हैं।
नेरचौक चिकित्सा महाविद्यालय में वर्तमान में 123 नर्सों की तैनाती की जा चुकी है। वर्तमान में नेरचौक मेडिकल कॉलेज में 23 विभाग कार्यशील हैं, जिनमें मेडिसिन, निश्चेतन, बाल रोग, पल्मोनरी मेडिसिन, नेत्र, हड्डी रोग, शल्य चिकित्सा, दंत चिकित्सा, नाक-कान-गला, हृदय रोग, कैंसर चिकित्सा, रेडियोलॉजी, त्वचा विज्ञान, मनोरोग, फीजियोलॉजी, जैव रसायन, औषध विज्ञान, पैथोलॉजी, सूक्ष्मजीव विज्ञान, फॉरेंसिक मेडिसिन तथा सामुदायिक चिकित्सा सहित अन्य विभाग शामिल हैं।