ऋषि महाजन/नूरपुर। हिमाचल में किसानों को एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीकरण पूरी तरह निशुल्क है। सभी लोक मित्र केंद्रों में यह सेवा उपलब्ध है, क्योंकि सरकार द्वारा प्रत्येक सफल पंजीकरण पर लोक मित्र केंद्र को 12 रुपये दिए जाएंगे। इसलिए किसानों को किसी प्रकार का शुल्क नहीं देना होगा और वे इस सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।
उप कृषि निदेशक डॉ. कुलदीप धीमान ने बताया कि एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीकरण करने से किसानों को एक विशेष पहचान नंबर मिलेगा। आने वाले समय में कृषि विभाग से जुड़े सभी विभागों की सरकारी योजनाओं का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा, जिनके पास यह विशेष पहचान नंबर होगा। किसान यह पंजीकरण संबंधित लोक मित्र केंद्रों में जाकर करवा सकते हैं।
डॉ. कुलदीप धीमान ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत प्रतिवर्ष 6000 रुपये प्राप्त करने वाले किसानों के लिए एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। किसान यह पंजीकरण किसी भी नजदीकी लोक मित्र केंद्र में जाकर करवा सकते हैं।
पंजीकरण के लिए किसान को अपना आधार कार्ड, आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर और किसी भी एक भूमि का खसरा नंबर साथ लेकर लोक मित्र केंद्र जाना होगा। लोक मित्र केंद्र में किसान के किसी एक खसरा नंबर को दर्ज करते ही उसी किसान के नाम से जुड़ी अन्य सभी जमीनों का विवरण पोर्टल में स्वतः लिंक हो जाएगा।
डॉ. कुलदीप धीमान ने इस संदेश के माध्यम से जिला कांगड़ा के साथ-साथ प्रदेश के राजस्व विभाग के ग्रामीण स्तर के अधिकारियों से अनुरोध किया है कि जिन किसानों के पास उनकी जमीन का खाता-खतौनी नंबर उपलब्ध नहीं है, उन्हें आवश्यक जानकारी प्रदान करें।
साथ ही लोक मित्र केंद्र संचालकों से भी अपील की गई है कि वे किसानों का एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीकरण कार्य शीघ्र पूरा करें। यदि किसानों को इस संबंध में किसी प्रकार की समस्या आती है, तो वे कृषि विभाग के नजदीकी कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। किसान यह पंजीकरण संबंधित लोक मित्र केंद्रों में जाकर करवा सकते हैं।
वहीं, सब्जेक्ट मैटर स्पेशलिस्ट, विषयवाद, विशेषज्ञ, फतेहपुर राजीव शर्मा ने कहा कि किसान किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर अपने नजदीकी लोक मित्र केंद्र या कृषि विभाग कार्यालय से संपर्क करें। साथ ही उन्होंने अपील की कि किसान जल्द से जल्द पोर्टल पर पंजीकरण कराएं, ताकि उनकी जमीन और योजनाएं डिजिटल रूप से सुरक्षित और लिंक हो सकें।
हमारा उद्देश्य है कि सभी किसान एग्रीस्टैक पोर्टल पर समय रहते पंजीकरण कर लें, ताकि उन्हें प्रदेश और जिले की सभी कृषि योजनाओं का लाभ मिल सके। किसान अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी लोक मित्र केंद्र में जाकर यह पंजीकरण करवा सकते हैं।