बिलासपुर। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पूरे प्रदेश में मछुआरों को लाइफ जैकेट उपलब्ध करवाने के लिए 50 लाख रुपये और मछुआरों के लिए लैंडिंग सुविधाएं विकसित करने के लिए 10 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को बिलासपुर जिला के झंडूता विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान मुख्यमंत्री मछुआरा सम्मान निधि योजना के तहत बिलासपुर जिला के 1,500 मछुआरों को 3,500 रुपये प्रति लाभार्थी की दर से कुल 52.50 लाख रुपये की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से हस्तांतरित की।
उन्होंने मछुआरा समितियों पर लगाए गए पांच गुना जुर्माने को माफ करने तथा कोल्ड स्टोरेज इकाइयां स्थापित करने के लिए दी जाने वाली सब्सिडी को 70 प्रतिशत से बढ़ाकर 80 प्रतिशत करने की घोषणा भी की। इसके अतिरिक्त, झंडूता विधानसभा क्षेत्र में 10 संपर्क सड़कों के निर्माण कार्यों को पूरा करने के लिए प्रत्येक सड़क के लिए 10-10 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने राजकीय स्नातक महाविद्यालय झंडूता में बीसीए और बीबीए कक्षाएं शुरू करने की घोषणा भी की।
इस अवसर पर धराडसानी में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जन आकांक्षाओं को सुनना और उसी के अनुरूप नीतियां बनाना ही ‘व्यवस्था परिवर्तन’ का वास्तविक सार व ध्येय है। उन्होंने कहा कि एक साधारण परिवार से मुख्यमंत्री के पद तक पहुंचने के कारण वह आम लोगों के सामने आने वाली कठिनाइयों को समझते हैं। उन्होंने कहा कि मछुआरों की कड़ी मेहनत और उनके योगदान को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने उनके कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।
सुक्खू ने कहा कि जलाशयों से पकड़ी जाने वाली मछली पर रॉयल्टी वित्त वर्ष 2025-26 में 15 प्रतिशत से घटाकर 7.50 प्रतिशत की गई थी और अब इसे और घटाकर केवल एक प्रतिशत कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उत्पादित मछलियों को दिल्ली और चंडीगढ़ जैसे प्रमुख बाजारों तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार रेफ्रिजरेटेड वाहनों की खरीद पर 70 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान कर रही है।
उन्होंने कहा कि मछुआरों को बेहतर और सुरक्षित जीवन सुनिश्चित करने के लिए सरकार प्रमुखता से कार्य कर रही है। इस दिशा में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है ताकि लोगों को अपने गांवों में ही आजीविका के साधन उपलब्ध हों।
सीएम सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के चोर दरवाजों को बंद किया है। सरकार के प्रयासों से बचाए गए धन का उपयोग मछुआरों के कल्याण तथा निराश्रित और अन्य जरूरतमंद बच्चों की उच्च शिक्षा को सहायता प्रदान करने वाली योजनाओं को लागू करने में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को केवल एक प्रतिशत ब्याज दर पर शिक्षा ऋण भी उपलब्ध करवाया जा रहा है।