शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला और उसके आसपास के इलाकों में शनिवार तड़के भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (एनसीएस) के अनुसार, रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 4.1 मापी गई।
प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक, भूकंप के ये झटके सुबह 4:36 बजे आए। इसका केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई में 31.298 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 77.529 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित था। तड़के आए इस भूकंप के झटकों से अचानक नींद खुलने पर कई लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।
गनीमत यह रही कि इस मध्यम तीव्रता के भूकंप से फिलहाल किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
झुकें, ढंकें और पकड़ें (Drop, Cover, and Hold On): भूकंप आते ही तुरंत किसी मजबूत टेबल, डेस्क या फर्नीचर के नीचे घुटनों के बल बैठ जाएं, अपना सिर और गर्दन हाथों से ढंक लें और टेबल को मजबूती से पकड़ लें ताकि वह हिले नहीं।
सुरक्षित जगह तलाशें: अगर आसपास कोई मजबूत फर्नीचर न हो, तो घर के किसी अंदरूनी कोने (Corner) में खड़े हो जाएं और सिर को हाथों से सुरक्षित कर लें।
मजबूत दीवारों के पास रहें: कमरे के मुख्य खंभों या अंदरूनी दीवारों के पास रहें। खिड़कियों, कांच, शीशों, भारी अलमारियों और पंखों से दूर रहें, क्योंकि ये गिरकर चोट पहुँचा सकते हैं।
खुले मैदान में जाएं: यदि आप घर के बाहर या खुले स्थान पर हैं, तो बड़े पेड़ों, बिजली के खंभों, ऊंची इमारतों और ओवरब्रिज से दूर किसी खुले मैदान में चले जाएं।
गाड़ी रोक लें: यदि आप वाहन चला रहे हैं, तो गाड़ी को सड़क के किनारे सुरक्षित स्थान पर रोक लें। ऊंची इमारतों, पुलों या बिजली के तारों के नीचे गाड़ी पार्क करने से बचें।
बिजली और गैस बंद करें: यदि संभव हो और समय हो, तो घर का मुख्य बिजली का स्विच (Main Switch) और गैस का चूल्हा बंद कर दें, ताकि आग लगने का खतरा टल जाए।
लिफ्ट का इस्तेमाल बिल्कुल न करें: भूकंप के दौरान या उसके तुरंत बाद गलती से भी लिफ्ट का उपयोग न करें, क्योंकि बिजली गुल हो सकती है और आप लिफ्ट में फंस सकते हैं। हमेशा सीढ़ियों का ही इस्तेमाल करें।
घबराकर भागें नहीं: झटके महसूस होने पर हड़बड़ी में सीढ़ियों या दरवाजों की तरफ न भागें, क्योंकि भगदड़ से चोट लगने का खतरा अधिक होता है। झटके रुकने के बाद ही सुरक्षित बाहर निकलें।
बालकनी या खिड़की के पास न खड़े हों: बहुमंजिला इमारत की बालकनी, खिड़कियों और कांच के दरवाजों के पास बिल्कुल न जाएं।
मोमबत्ती या माचिस का प्रयोग न करें: भूकंप के बाद गैस लीक होने की आशंका रहती है, इसलिए रोशनी के लिए मोमबत्ती, माचिस या लाइटर का इस्तेमाल न करें। टॉर्च या मोबाइल की फ्लैशलाइट का उपयोग करें।
अफवाहों पर ध्यान न दें: सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि वाली या डरावनी अफवाहें न फैलाएं और न ही उन पर विश्वास करें। केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा रखें।